उत्तर प्रदेश बाराबंकी ज़िले में जहां एक ओर होली का पर्व उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया, वही दूसरी ओर जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
तेज़ रफ़्तार, नशे में वाहन चलाना और आपसी विवादों के कारण बड़ी संख्या में लोग घायल होकर जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, भर्ती मरीजों में आधे से ज्यादा नशे में वाहन चलाने से हुई दुर्घटनाओं के शिकार थे।जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में दिनभर एक्सीडेंट और मारपीट के मामलों की भरमार रही। कई घायलों के हाथ-पैर में फ्रैक्चर, सिर में गंभीर चोटें और चेहरे पर गहरे घाव पाए गए।लगातार आ रहे मरीजों और तीमारदारों की भीड़ के कारण ट्रामा सेंटर पर अत्यधिक दबाव की स्थिति बन गई।अस्पताल प्रशासन ने गंभीर रूप से घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर कर दिया।

कुछ घायलों को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान तथा किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।सफदरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम करीमुल्लापुर में 5 वर्षीय पुष्कर चलती गाड़ी से गिरकर घायल हो गया। उसके पैर में फ्रैक्चर होने के बाद उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया।मसौली क्षेत्र के कपिल को अज्ञात मोटरसाइकिल ने टक्कर मार दी, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।आलापुर-सफीपुर क्षेत्र में शराब के विवाद को लेकर दो पक्षों में लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले।

इस घटना में चार लोग घायल हुए, जिनमें दो महिलाएं गंभीर रूप से जख्मी हैं।सतरिख क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक को लाठी-डंडों से पीटा गया।
वहीं नबीगंज स्थित कूड़ा फैक्ट्री के पास डांस को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।होली से पहले पुलिस प्रशासन ने शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन इसके बावजूद कई स्थानों पर झगड़े और हादसों की घटनाएं सामने आईं।

चिकित्सकों के अनुसार, अधिकतर मामलों में लापरवाही, तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाना प्रमुख कारण रहा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि त्योहारों को जिम्मेदारी और संयम के साथ मनाएं, ताकि खुशियां किसी परिवार के लिए दुखद हादसे में न बदलें.।
ब्यूरो चीफ रामानंद सागर
