वाराणसी की फिजा में गूंजी सदा ए या अली, अजादारों ने सीनाजनी कर याद किया
वाराणसी से रिपोर्ट सलीम जावेद
वाराणसी। शिया समुदाय के पहले इमाम रसूल अल्लाहे सलल्लाहे वा एलैहे वस्लम के दामाद इमाम हज़रत अली की शहादत की याद में दोषीपुरा से तुर्बत जुलूस उठाया गया। जुलूस उठने से पहले मौलाना ने इमाम अली के तलवार लगने के उस वाकये को बयां किया जो इस्लाम में पहली आतंकी घटना थी। जब अब्दुर्रहमान इब्ने मुल्जिम ने जहर बुझी तलवार से इमाम अली के सिर पर हमला 19 रमज़ान कि सुब्ह फ़ज़ की नमाज मे सज्दे मे किया था। इस हमले के बाद इमाम अली की शहादत 21 रमजान 40 हिजरी में हुई थी। शिया मुसलमान 19 रमजान से 21 रमजान तक इमाम अली का गम मनाते हैं। दोषीपुरा के अलावा हुसैनी हाउस एवंम चौक दालमंडी अंजुमन हैदरी ने ताबूत उठाए और कई जगहों पर भी मजलिस के बाद तुर्बत उठाई गई। फिजा में या अली की सदाएं गूंजती रही। दोषीपुर जुलूस अपने कदमी रास्ता काजीपुरा बड़ी बाजार कमालपुर छः मोहानी धनेसरा हनुमान फाटक चौकी होते हुए सरैया करबला ईमाम बारगाह में संपन्न हुआ इस मौके पर जिला पुलिस प्रशासन के साथ समाज सेवा सोसाइटीज के वालिंटियर ने यातायात व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था हेतु साथ साथ मौजूद रहे।
