सद्विचार ही समाज में शांति स्थापित करते हैं : आचार्य संजीव रूप
बिल्सी । यज्ञ तीर्थ गुधनी में स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया गया ! पं प्रश्रय आर्य ने अथर्ववेद के छठे मण्डल के दस सूक्तों के मंत्रों से यज्ञ कराया । वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने कहा “सद्विचारों की क्रांति ही समाज में शांति की स्थापना करती है !युद्ध आवश्यक है किंतु अपने अंदर बैठे काम क्रोध लोभ मोह अहंकार आदि सूत्रों के साथ । बाहर का युद्ध .सदा हानिकारक होता है । उन्होंने कहा इस समय विश्व में युद्ध भयंकर रूप लेता जा रहा है यह मानवता के लिए बहुत घातक है । भारत शांति का मार्ग दुनिया को दिखाने वाला है ! ऐसे समय में हम देशवासियों को धैर्य और बहुत ही समर्पित भाव से पैदा हुई चुनौतियों से लड़ना है । और पं प्रश्रय आर्य ने सुंदर भजन प्रस्तुत किया “शांति कीजिए प्रभु त्रिभुवन में । इस अवसर पर राकेश आर्य,बद्री प्रसाद आर्य,विचित्र पाल सिंह,सूरज वती देवी, श्रीमती सरोजा देवी, श्रीमती कमलेश रानी ,दुर्वेश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे !


