
बदायूं में पांच करोड़ के स्टाम्प घोटाले का मास्टर माइंड गिरफ्तार, ई ओ डब्लू टीम नेकी कार्यवाही
रिपोर्टर प्रदीप पाण्डेय बदायूं
बदायूं,दातागंज उपकोषागार में वर्ष 2019 में हुए बहुत चर्चित स्टाम्प शुल्क गवन कांड में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन ई ओ डब्लू व उत्तर प्रदेश टीम ने बड़ी कार्रवाई की है टीम ने रविवार को मुख्य आरोपी को पकड़ पकड़ लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी स्टांप घोटाले का मास्टरमाइंड उप लेखाकार राजेश सागर को शहर के सिविल लाइंस इलाके से पकड़ा गया है। यह घोटाला करीब 5 करोड़ 8 लाख98 हजार 110 रुपए का है। इसका केश दातागंज थाने में दर्ज हुआ था। बाद में विवेचना ई ओ डब्लू को दी गई।जानकारी के अनुसार दातागंज उप कोषागार में स्टांप बिक्री से प्राप्त राजस्व को सरकारी कोष में जमा न कर सुनियोजित तरीके से गवन किया गया था।इस मामले में थाना दातागंज में वर्ष 2019 में मुकद्दमा दर्ज कराया गया था।प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन ने इसकी विवेचना आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन को सौंप दी थी। ई ओ डब्लू की गहन जांच में यह तथ्य सामने आया कि उपकोषागार में तैनात तत्कालीन अधिकारी व कर्मचारियों की मिली भगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।

जांच में हुई थी गवन की पुष्टि,,,,,
,जांच में दस्तावेजों में हेरा फेरी,कूटरचना और फर्जी अभिलेखों के जरिए गवन को अंजाम देने की पुष्टि हुई ।इसके आधार पर आरोपियों के विरुद्ध अपराध कार्यवाही शुरू की गई। मामले का मुख्य आरोपी राजेश सागर पुत्र बनारसी दास निवासी आवास विकास कॉलोनी बदायूं जो घटना के समय उपलेखागार के पद पर तैनात था लंबे समय से फरार चल रहा था गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदल रहा था जिससे पुलिस को उसे पकड़ने में कठिनाई हो रही थी। ई ओ डब्लू लखनऊ की टीम ने सटीक सूचना और लगातार निगरानी के आधार पर 29 मार्च दिन रविवार को थाना सिविल लाइन क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तारी कर लिया।गिरफ्तारी के बाद उससे गहन पूछ ताछ कि जा रही हैं।जिससे इस घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भी भूमिका उजागर होने की संभावना है।कोतवाल सिविल लाइन हरेंद्र सिंह ने बताया ई ओ डब्लू की टीम आरोपी को अपने साथ लेकर चली गई है।
