रिपोर्ट , प्रशांत तिवारी/ हरदोई

अरवल। निरंकुश एवं बेलगाम हो चुके कर्मचारियों से संबंधित एक ताजा मामला क्षेत्र के ग्राम मंसूरपुर ब्लाक सांडी में देखने को मिला, जहां कार्यरत ग्राम पंचायत अधिकारी राजेश मिश्रा द्वारा बिना गांव के लोगों को बुलाए फर्जी रूप से खुली बैठक कर ली गई और मनमाने ढंग से मौके पर मौजूद होने की गांव के निवासियों की लिस्ट बना ली गई जिसका गांव के लोगों द्वारा पुरजोर विरोध किया गया। आपको बता दें कि गांव के ही कुछ लोगों के बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनने के संबंध में आज शुक्रवार दोपहर प्राथमिक विद्यालय मंसूरपुर पर एक खुली बैठक का आयोजन होना था जिसके संबंध में किसी भी ग्रामवासी को पूर्व सूचना नहीं दी गई। शाम लगभग 4:00 बजे गुप्त रूप से ग्राम पंचायत अधिकारी अपने दो साथियों एवं पंचायत सहायक अनुपम वर्मा के साथ स्कूल पर पहुंचते हैं और उनके द्वारा 10 मिनट में मौके पर मौजूद 25 लोगों की फर्जी लिस्ट तैयार कर बैठक पूर्ण कर ली गई। मामले के संबंध में आसपास के लोगों को जानकारी होने पर उनके द्वारा मौके पर पहुंचकर मामले का पुरजोर तरीके से विरोध किया गया तथा ग्राम पंचायत अधिकारी से लिस्ट दिखाने के लिए कहा गया परंतु ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा लिस्ट न दिखाए जाने से लोगों द्वारा नाराजगी जाहिर की गई। मामले को बढ़ता देख ग्राम पंचायत अधिकारी अपनी कार में बैठकर मौके से फरार हो गए। मौके पर मौजूद रावेद्र, रघुवीर, बृजमोहन अवस्थी, आशा मिश्रा एवं शिवपाल सिंह द्वारा ग्राम पंचायत अधिकारी की कार्यशाली के संबंध में खासी नाराजगी जाहिर की गई। मामले के संबंध में खंड विकास अधिकारी सांडी सुश्री काजल रावत को जब मामले की जानकारी दी गई तो उनके द्वारा मामले की जानकारी करने के बाद आवश्यक कार्रवाई की बात कही गई।
