एम डी न्यूज़ बरेली
बरेली में समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बकाया गन्ना भुगतान, बंद पड़ी चीनी मिलों और गांवों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर चौकी चौराहे पर धरना-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार ने किया। बाद में सपा नेताओं और किसानों ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की। धरने का मुख्य मुद्दा गन्ना किसानों का बकाया भुगतान रहा।

भगवत शरण गंगवार ने आरोप लगाया कि नवाबगंज और बहेड़ी क्षेत्र के किसान वर्षों से अपने भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ओसवाल ओवरसीज लिमिटेड पर किसानों का लगभग 72 करोड़ रुपये बकाया है, जबकि बहेड़ी चीनी मिल पर करीब 138 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। किसानों ने बताया कि भुगतान न मिलने के कारण खेती करना मुश्किल हो गया है।

बच्चों की फीस, खाद-बीज और घरेलू खर्च प्रभावित हो रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान बंद पड़ी नवाबगंज चीनी मिल को दोबारा शुरू करने की मांग भी उठी। किसानों का कहना था कि मिल बंद होने से उन्हें गन्ना दूसरे क्षेत्रों में ले जाना पड़ता है, जिससे लागत और परेशानी बढ़ जाती है। प्रदर्शनकारियों ने छुट्टा पशुओं की समस्या को लेकर भी प्रशासन को घेरा। किसानों का आरोप था कि ये पशु खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई किसानों ने बताया कि उन्हें रातभर खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।नेताओं ने ग्रामीण इलाकों में राशन वितरण में भ्रष्टाचार, गैस सिलेंडर आपूर्ति में अनियमितता और गरीबों से अवैध वसूली जैसे आरोप भी लगाए। ज्ञापन में पेयजल योजनाओं के तहत खुदी सड़कों की मरम्मत, गांवों में बेहतर सड़क व्यवस्था और सरकारी अस्पतालों में इलाज की सुविधाओं में सुधार की मांग भी शामिल थी। धरना-प्रदर्शन में शुभलेश यादव, शमीम सुल्तानी सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे।
रिपोर्टर गौरव सक्सेना एम डी न्यूज़ बरेली।
