24 मई की महापंचायत में 2027 विधानसभा चुनाव बहिष्कार पर होगा ऐतिहासिक फैसला

बहुआयामी समाचार/मोहम्मद अशफाक

लखीमपुर खीरी। बेदाखेड़ा से मझिगवां तक लगभग 5 किलोमीटर लंबे संपर्क मार्ग की बदहाल स्थिति ने अब क्षेत्रवासियों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। आठ वर्षों से सड़क निर्माण के नाम पर केवल आश्वासन, झूठे वादे और राजनीतिक दिखावा मिलने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि अब भी सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो बड़ा जनआंदोलन छेड़ा जाएगा और 2027 विधानसभा चुनाव के पूर्ण बहिष्कार का निर्णय लिया जाएगा।

खेल मैदान मुंडा विष्णु में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। वक्ताओं ने कहा कि जनता को लगातार गुमराह किया गया है। हर बार आंदोलन उठने पर “बजट पास”, “टेंडर प्रक्रिया” और “जल्द निर्माण” जैसे खोखले दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर सड़क आज भी मौत का रास्ता बनी हुई है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी क्षेत्रवासियों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया था। उस समय मंडी परिषद उत्तर प्रदेश के सचिव द्वारा लिखित आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया गया और मतदान कराया गया, लेकिन दो वर्ष बाद भी न सड़क बनी और न ही किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने जवाबदेही निभाई। इससे साफ है कि जनता की समस्याओं को केवल चुनावी हथकंडे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

बैठक में कहा गया कि टूटी सड़क और गहरे गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्कूली बच्चों को महज 5 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए लगभग 10 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। किसान, मजदूर और मरीज तक इस बदहाल सड़क के कारण गंभीर परेशानियां झेल रहे हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासनिक चुप्पी को जनता के साथ विश्वासघात बताते हुए कहा कि अब क्षेत्रवासी भी चुप नहीं बैठेंगे। गांधीजी के असहयोग आंदोलन की तर्ज पर सरकारी कार्यों में सहयोग न करने और जनगणना जैसे कार्यों का बहिष्कार करने की रणनीति बनाई जा रही है।

बैठक में सर्वसम्मति से 24 मई को विशाल महापंचायत बुलाने का निर्णय लिया गया, जिसमें हजारों ग्रामीण भाग लेंगे। महापंचायत में 2027 विधानसभा चुनाव के पूर्ण बहिष्कार सहित व्यापक जनआंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।

ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि अब यह आंदोलन किसी आश्वासन से रुकने वाला नहीं है। यदि जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

बैठक में संदीप वर्मा, पुष्पेंद्र, निलेश, कैलाश, मोहम्मद अशफाक, संजय, रामकुमार, रामेश्वर प्रसाद समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

8 वर्षों से सड़क के नाम पर सिर्फ छलावा, अब आर-पार की लड़ाई के मूड में ग्रामीण

24 मई की महापंचायत में 2027 विधानसभा चुनाव बहिष्कार पर होगा ऐतिहासिक फैसला

बहुआयामी समाचार/मोहम्मद अशफाक

लखीमपुर खीरी। बेदाखेड़ा से मझिगवां तक लगभग 5 किलोमीटर लंबे संपर्क मार्ग की बदहाल स्थिति ने अब क्षेत्रवासियों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। आठ वर्षों से सड़क निर्माण के नाम पर केवल आश्वासन, झूठे वादे और राजनीतिक दिखावा मिलने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि अब भी सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो बड़ा जनआंदोलन छेड़ा जाएगा और 2027 विधानसभा चुनाव के पूर्ण बहिष्कार का निर्णय लिया जाएगा।

खेल मैदान मुंडा विष्णु में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। वक्ताओं ने कहा कि जनता को लगातार गुमराह किया गया है। हर बार आंदोलन उठने पर “बजट पास”, “टेंडर प्रक्रिया” और “जल्द निर्माण” जैसे खोखले दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर सड़क आज भी मौत का रास्ता बनी हुई है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी क्षेत्रवासियों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया था। उस समय मंडी परिषद उत्तर प्रदेश के सचिव द्वारा लिखित आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया गया और मतदान कराया गया, लेकिन दो वर्ष बाद भी न सड़क बनी और न ही किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने जवाबदेही निभाई। इससे साफ है कि जनता की समस्याओं को केवल चुनावी हथकंडे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

बैठक में कहा गया कि टूटी सड़क और गहरे गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्कूली बच्चों को महज 5 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए लगभग 10 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। किसान, मजदूर और मरीज तक इस बदहाल सड़क के कारण गंभीर परेशानियां झेल रहे हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासनिक चुप्पी को जनता के साथ विश्वासघात बताते हुए कहा कि अब क्षेत्रवासी भी चुप नहीं बैठेंगे। गांधीजी के असहयोग आंदोलन की तर्ज पर सरकारी कार्यों में सहयोग न करने और जनगणना जैसे कार्यों का बहिष्कार करने की रणनीति बनाई जा रही है।

बैठक में सर्वसम्मति से 24 मई को विशाल महापंचायत बुलाने का निर्णय लिया गया, जिसमें हजारों ग्रामीण भाग लेंगे। महापंचायत में 2027 विधानसभा चुनाव के पूर्ण बहिष्कार सहित व्यापक जनआंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।

ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि अब यह आंदोलन किसी आश्वासन से रुकने वाला नहीं है। यदि जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

बैठक में संदीप वर्मा, पुष्पेंद्र, निलेश, कैलाश, मोहम्मद अशफाक, संजय, रामकुमार, रामेश्वर प्रसाद समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

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