रिपोर्ट-धर्मेन्द्र कसौधन/ब्यूरो
महाराजगंज ।जनपद में लगातार चल रही ट्रैफिक चालान कार्रवाई अब विवाद का रूप लेती नजर आ रही है। गुरुवार को शहर में ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच तीखी कहासुनी और झड़प जैसी स्थिति देखने को मिली।

वहीं निचलौल में बढ़ती चालान कार्रवाई से नाराज़ लोगों ने खुलकर अपना विरोध जताया। लोगों और व्यापारियों का कहना है कि बिना जागरूकता अभियान चलाए सीधे चालान की कार्यवाही करना सही कदम नही है। स्थानीय निचलौल मंडी बाज़ार सहित दुकानों के बिक्री पर सीधे इसका प्रभाव देखा जा रहा है।चालान के डर से स्थानीय या क्षेत्रीय लोग खरीदारी करने तक नही आ रहे हैं।उन्हें इस बात का भय है कि कहीं उनका चालान न कर दिया जाय।

क्या कहा लोगों ने-
लोगों का आरोप है कि जिले के लगभग हर चौराहे और मुख्य सड़कों पर लगातार चालान काटे जा रहे हैं, जिससे आम जनता परेशान हो चुकी है। लोगों का कहना है कि छात्र-छात्राओं से लेकर नौकरीपेशा और छोटे व्यापारियों तक, हर वर्ग इस कार्रवाई से प्रभावित हो रहा है।

प्लाई व्यापारी आलोक सरावगी ने कहा,-
“महंगाई ने पहले ही लोगों की कमर तोड़ रखी है, ऊपर से हर जगह चालान काटकर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। साथ ही चालान की कार्यवाही से लोग बाजार करने तक नही आ रहे जिससे व्यापर में मंदी आ गयी है।और ग्राहक कम हो गए है।”
बिना जागरूकता,सीधे चालान ठीक नही-
वहीं कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रैफिक पुलिस बिना जागरूकता अभियान चलाए सीधे कार्रवाई कर रही है। उनका कहना है कि नियमों की जानकारी देने और लोगों को समझाने के बजाय सीधे जुर्माना ठोका जा रहा है, जिससे जनता में नाराज़गी लगातार बढ़ रही है।

दूसरी तरफ ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक हेलमेट, सीट बेल्ट और अन्य यातायात नियमों की अनदेखी के कारण सड़क हादसे बढ़ रहे हैं, इसलिए सख्ती जरूरी है।
फिलहाल जिले में चालान कार्रवाई को लेकर जनता और प्रशासन के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है। अब देखना होगा कि प्रशासन लोगों की नाराज़गी को कम करने के लिए जागरूकता और सख्ती के बीच कैसे संतुलन बनाता है।
