ब्यूरो चीफ रामानंद सागर बाराबंकी एम डी न्यूज़

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत फतेहपुर-महमूदाबाद मार्ग पर झांसा पुरवा गांव के बाहर शुक्रवार+ शनिवार की रात हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बिजली न होने के चलते घर के बाहर सो रहे एक परिवार को तेज रफ्तार बेकाबू ट्रक ट्रेलर ने रौंद डाला। हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद जब मृतकों के शव गांव पहुंचे तो आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने फतेहपुर-महमूदाबाद मार्ग स्थित NH-727 पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, घायल महिला के समुचित इलाज और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए।हंगामे और सड़क जाम की सूचना मिलते ही फतेहपुर, बड्डूपुर, कुर्सी, मोहम्मदपुर खाला और घुंघटेर थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन लोगों में भारी आक्रोश बना रहा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम फतेहपुर कार्तिकेय सिंह, सीओ जगतराम कनौजिया और तहसीलदार वैशाली अहलावत भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए घायल महिला के इलाज की समुचित व्यवस्था कराने की बात कही। काफी देर तक चली मान-मनौव्वल के बाद ग्रामीण शांत हुए और मृतकों का अंतिम संस्कार कराया जा सका।जानकारी के मुताबिक हादसा रात करीब 2 बजे हुआ। महमूदाबाद की ओर से आ रहा तेज रफ्तार ट्रक ट्रेलर अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क से करीब 40 फीट दूर घर के बाहर सो रहे परिवार पर चढ़ गया। इसके बाद ट्रेलर पास में लगे एक विशालकाय पेड़ से जा टकराया।
हादसे में झांसा पुरवा गांव निवासी 35 वर्षीय नीरज की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनके साथ सो रहे तीन बच्चों—13 वर्षीय अनुराग, 10 वर्षीय अंशिका और 6 वर्षीय अंशू—ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। नीरज की पत्नी आरती गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर किया गया है।ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के समय ट्रेलर चालक वाहन में सो रहा था, जबकि ट्रेलर को खलासी चला रहा था। हादसे के बाद चालक और एक अन्य खलासी मौके से फरार हो गए।
हालांकि पेड़ से टकराने के बाद ट्रेलर का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वाहन चला रहे खलासी का पैर उसमें फंस गया। ग्रामीणों ने उसे बाहर निकालकर पुलिस के हवाले कर दिया।परिजनों ने बताया कि क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती हो रही थी। भीषण गर्मी और उमस के कारण पूरा परिवार घर के बाहर सोने को मजबूर था। लोगों का कहना है कि यदि बिजली आपूर्ति सामान्य होती तो शायद परिवार घर के अंदर सोता और यह हादसा टल सकता था।इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बिजली व्यवस्था, भारी वाहनों की निगरानी और रात में ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही और बेलगाम भारी वाहनों की वजह से निर्दोष लोगों की जान जा रही है।हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि फरार चालक और उसके साथियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए, मृतक परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए और NH-727 पर भारी वाहनों की निगरानी बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

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