लखनऊ। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने आज कृषि भवन सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को खरीफ सीजन के लिए किसानों की मांग के अनुरूप समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से अपील की कि कृषि विभाग द्वारा प्रदान किए जा रहे 50 प्रतिशत अनुदान का लाभ उठाने के लिए वे दर्शन पोर्टल पर यथाशीघ्र आवेदन करें।


समीक्षा के दौरान कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश में खरीफ अभियान-2026 के अंतर्गत उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण की स्थिति पिछले वर्ष के मुकाबले काफी बेहतर है। इस वर्ष खरीफ सत्र हेतु कुल 61.50 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके सापेक्ष 25 मई, 2026 तक 36.99 लाख मीट्रिक टन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह उपलब्धता 32.72 लाख मीट्रिक टन थी। वर्तमान में प्रदेश के पास 28.61 लाख मीट्रिक टन का विशाल भंडार अवशेष के रूप में सुरक्षित है, जिससे आगामी कृषि कार्यों में उर्वरक की कोई कमी नहीं होगी।


वितरण के आंकड़ों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष वितरण व्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पिछले वर्ष मई माह तक जहाँ 8.10 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरित हुआ था, वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर 8.38 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि बीजों की उपलब्धता और वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक पात्र किसान को योजना का लाभ सुलभ हो।


बैठक में सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव कृषि रवींद्र, प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ला, सचिव कृषि इन्द्र विक्रम सिंह, रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव योगेश कुमार, निदेशक कृषि पंकज त्रिपाठी, प्रबंध निदेशक पीसीएफ चंद्र भूषण, निदेशक उत्तर प्रदेश बीज प्रमाणीकरण टीपी चौधरी, अपर निदेशक कृषि रक्षा आशुतोष मिश्र, संयुक्त निदेशक ब्यूरो अखिलेश कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक उर्वरक अजय कृष्णा सहित कृषि एवं सहकारिता विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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