बहुयामी समाचार एम डी न्यूज़ चैनल से मोहम्मदी तहसील प्रभारी पंकज कनौजिया की रिपोर्ट
मोहम्मदी खीरी। तहसील क्षेत्र के मोहम्मदी विकासखंड की ग्राम पंचायत हथेला बाजितपुर के मजरा चककैमी में रहने वाले कई ग्रामीणों ने अपने 90 वर्ष पुराने मकानों को बचाने के लिए एसडीएम से न्याय की गुहार लगाई। सोमवार को बलजीत, अनुज कुमार, मुकेश कुमार, रोहित, राजेश समेत करीब 25 ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शिकायती पत्र देकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान ममता देवी के प्रतिनिधि पति श्यामू तथा अन्य लोग उनके मकानों को विद्यालय की भूमि बताकर खाली कराने और गिरवाने का दबाव बना रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि उनके परिवार पिछले लगभग 90 वर्षों से इन मकानों में निवास कर रहे हैं और इनके अलावा उनके पास रहने के लिए कोई अन्य भूमि या मकान नहीं है।

एसडीएम कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि लगातार लेखपाल और ग्राम प्रधान की ओर से मकान खाली करने की धमकियां दी जा रही हैं। इस कारण पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है। न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचे कई ग्रामीण कार्यालय परिसर में ही भावुक हो गए और फूट-फूटकर रोने लगे।
महिलाओं ने कहा कि यदि उनके मकान गिरा दिए गए तो उनके सामने बेघर होने की नौबत आ जाएगी और उन्हें गांव छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। नीलम देवी, माला देवी, गुड्डी देवी, रोशनी देवी सहित कई महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचीं और प्रशासन से राहत की मांग की।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने तत्काल मकान गिराने संबंधी किसी भी कार्रवाई को फिलहाल रोकने के निर्देश दिए। साथ ही नायब तहसीलदार और लेखपाल को मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करने के आदेश दिए गए हैं। एसडीएम ने कहा कि यदि जांच में यह पाया जाता है कि संबंधित परिवारों के पास रहने के लिए कोई अन्य भूमि उपलब्ध नहीं है, तो शासन की व्यवस्था के अनुसार उन्हें उचित स्थान उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि प्रशासन के आश्वासन के बावजूद ग्रामीणों में अभी भी अपने आशियाने को लेकर चिंता बनी हुई है। उनका कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और उन्हें लिखित रूप से सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलता, तब तक बेघर होने का डर बना रहेगा।
