करोड़ों खर्च कर बनी पानी की टंकी बनी शोपीस, पाइपलाइन बिछी, सड़कें टूटीं लेकिन घरों तक नहीं पहुंचा पानी
बहुयामी समाचार एम डी न्यूज़ चैनल से मोहम्मदी तहसील प्रभारी पंकज कनौजिया की रिपोर्ट
मोहम्मदी खीरी। केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन “हर घर जल” योजना मोहम्मदी विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत दिलावरपुर में दम तोड़ती नजर आ रही है।
ग्राम पंचायत दिलावरपुर, शिवनगरा और हरिहरापुर की करीब 10 हजार आबादी आज भी शुद्ध पेयजल के लिए संघर्ष कर रही है, जबकि गांव में करोड़ों रुपये की लागत से पानी की टंकी स्थापित कर घर-घर पाइपलाइन और नल कनेक्शन लगाए जा चुके हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का अधिकांश कार्य लगभग दो वर्ष पूर्व पूरा कर लिया गया था। घरों के सामने टोटियां लगाई गईं, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज लिए गए तथा जल्द जलापूर्ति शुरू होने का आश्वासन दिया गया। लेकिन दो साल बीत जाने के बावजूद आज तक इन नलों से एक बूंद पानी भी नहीं निकला।
ग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान गांव की अधिकांश गलियों और सड़कों को खोद दिया गया, जिससे रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए। इसके बावजूद योजना का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच सका। ऐसे में करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई यह योजना गांव में सफेद हाथी साबित होती दिखाई दे रही है।

गांव के लोगों का कहना है कि जब सरकारी हैंडपंप खराब हो जाते हैं तो उन्हें पेयजल के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ता है। यदि जल जीवन मिशन की योजना सुचारु रूप से संचालित हो जाए तो हजारों ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल सकती है।
राजेश, श्याम, मदन, रामअवतार, सरोज कुमार, रोहित कुमार और दिनेश कुमार सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि सरकार की मंशा हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता के कारण योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान भी इस गंभीर समस्या पर चुप्पी साधे हुए हैं।
इस संबंध में जल जीवन मिशन के जूनियर इंजीनियर (जेई) से संपर्क किए जाने पर उन्होंने बताया कि कुछ तकनीकी कमियों के कारण जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। मामले की जांच कर जल्द समस्या का समाधान कराया जाएगा।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब योजना का निर्माण कार्य वर्षों पहले पूरा हो चुका है तो आखिर दो साल से ग्रामीणों को पेयजल सुविधा से वंचित क्यों रखा गया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप कर योजना को चालू कराएगा, ताकि हजारों लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सके।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें • जल जीवन मिशन की योजना तत्काल चालू की जाए।
- घरों तक नियमित और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- पाइपलाइन कार्य के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत कराई जाए।
- योजना में देरी और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
