ग्राम पंचायत- मदनापुर, मनकापुर ब्लॉक, बृजेश मिश्रा

गोंडा-विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पीपुल एक्शन फॉर नेशनल इंटीग्रेशन (PANI) द्वारा संचालित कार्बन किसान कनेक्ट (CKC) परियोजना के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) मनकापुर के एसएमएस डॉ. राम लखन, प्रगतिशील महिला व पुरुष किसान, सीकेसी परियोजना से क्षेत्रीय समन्वयक यजेंद्र राणा व मोनू यादव और उनकी टीम के स्थानीय संसाधन व्यक्ति अर्जुन वर्मा, मनीष वर्मा, अनुराग, अंकित, अंजना मौर्य व संदीप वर्मा तथा क्षेत्र के प्रगतिशील किसान श्री गुरुवचन वर्मा जी, अजय त्रिपाठी जी व अन्य किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव तथा किसानों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा, सूखा एवं बाढ़ जैसी घटनाएं जलवायु परिवर्तन के प्रत्यक्ष प्रभाव हैं, जिनका सबसे अधिक असर कृषि एवं किसानों की आजीविका पर पड़ रहा है।
डॉ. राम लखन ने किसानों को धान की सीधी बुवाई (DSR) तकनीक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह एक जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धति है, जिससे पानी और श्रम की बचत होती है। साथ ही, यह तकनीक कृषि से होने वाले ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने में भी सहायक है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है।
इस अवसर पर सीकेसी परियोजना के एरिया कॉर्डिनेटर ने किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि वर्तमान समय में फसल अवशेषों को जलाना, रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग, प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन तथा वनों की कटाई पर्यावरण प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं। इन गतिविधियों के कारण जलवायु परिवर्तन की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे फसल अवशेषों को न जलाएं, जल संरक्षण को बढ़ावा दें, अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें तथा प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग अपनाएं। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक किसान की सक्रिय भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है।
किसानों को मोबाइल आधारित मौसम पूर्वानुमान सेवाओं के उपयोग की जानकारी भी दी गई, जिससे वे मौसम की परिस्थितियों के अनुसार कृषि कार्यों की बेहतर योजना बना सकें तथा संभावित जोखिमों को कम कर सकें।
एरिया कॉर्डिनेटर ने बताया कि पानी संस्थान द्वारा संचालित कार्बन किसान कनेक्ट (CKC) परियोजना से जुड़कर किसान धान की सीधी बुवाई (DSR), मौसम आधारित कृषि प्रबंधन, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन एवं अन्य जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। इन तकनीकों के प्रयोग से जल की बचत, मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार तथा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आती है, जिससे कृषि अधिक टिकाऊ एवं लाभकारी बनती है।
कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अतिथियों, परियोजना अधिकारियों एवं किसानों द्वारा वृक्षारोपण किया गया तथा सभी ने अधिक से अधिक पेड़ लगाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
