लखीमपुर खीरी। ज्येष्ठ माह के पावन छठे बड़े मंगलवार के अवसर पर नगर के प्राचीन श्री सिद्ध बाबा मंदिर परिसर में विशाल भंडारे एवं धार्मिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर में तांता लगा रहा। बजरंगबली के दर्शन और प्रसाद ग्रहण करने के लिए नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर पूरे दिन “जय श्री राम” और “जय बजरंगबली” के जयकारों से गूंजता रहा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा एवं विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुआ। विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान हनुमान जी का पूजन किया गया तथा श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और जनकल्याण की कामना की। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ भाग लिया। इसके उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। भंडारे की व्यवस्था अत्यंत सुव्यवस्थित रही। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठने, पेयजल एवं प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की गई थी। स्वयंसेवकों ने पूरे समर्पण भाव से श्रद्धालुओं की सेवा की, जिसकी लोगों ने सराहना की।

भंडारे के सफल आयोजन में नई बस्ती वार्ड सदस्य श्वेता शर्मा, नगर अध्यक्ष श्रीमती डॉ. ईरा श्रीवास्तव, बजरंग शर्मा एवं उनके परिवार सहित अनेक समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन समिति के सदस्यों ने पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कई दिनों से तैयारियां की थीं। आयोजकों ने बताया कि ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान हनुमान की विधि-विधान से पूजा करने और भंडारे जैसे सेवा कार्यों में सहभागिता करने से जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि प्राप्त होती है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रतिवर्ष मंदिर परिसर में भव्य धार्मिक आयोजन एवं भंडारे का आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं भक्तों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। अंत में आयोजकों ने सभी सहयोगियों, दानदाताओं, स्वयंसेवकों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में प्रेम, सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत करने के लिए ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों का विशेष महत्व है।

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