धर्मेन्द्र कसौधन/ब्यूरो
महराजगंज, 10 जून, 2026: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में आज कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत हुई। ‘राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार)’ के संयुक्त तत्वावधान में 20 दिवसीय “ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला: 2026-27” का अत्यंत गरिमामयी माहौल में भव्य उद्घाटन किया गया। यह कार्यशाला शास्त्रीनगर स्थित जिला उद्योग केंद्र रोड (दयागीत हॉस्पिटल के पीछे, वार्ड नंबर-22) में आयोजित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय बच्चों और युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा को निखारना है।

कोरे कैनवास पर कलाकृति उकेरकर हुआ उद्घाटन
इस भव्य समारोह के मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. डी.के. साहनी रहे। कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात कार्यक्रम संयोजक गौरीशंकर द्वारा मुख्य अतिथि को माल्यार्पण एवं अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य आकर्षण के रूप में डॉ. साहनी ने स्वयं एक कोरे कैनवास पर खूबसूरत कलाकृति उकेरकर इस 20 दिवसीय कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ किया।
’बच्चों को मोबाइल से दूर रखकर कला से जोड़ें’ – डॉ. डी.के. साहनी
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. डी.के. साहनी ने महराजगंज जैसे छोटे शहर में इस प्रकार के बड़े आयोजन की सराहना की। उन्होंने एक डॉक्टर के दृष्टिकोण से बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास में कला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:
”आज के डिजिटल युग में जहाँ बच्चों को बहुत आसानी से मोबाइल मिल जा रहा है, जिससे वे अपनी रचनात्मकता खो रहे हैं, ऐसे समय में बच्चों की इतनी बड़ी उपस्थिति देखना अत्यंत सुखद है। शारीरिक व्यायाम जहाँ आपके शरीर को स्वस्थ रखता है, वहीं चित्रकला और शिल्प जैसी कलाएँ आपके दिमाग को एकाग्र और मानसिक रूप से स्वस्थ बनाती हैं। मैं सभी बच्चों से अपील करता हूँ कि वे मोबाइल की आभासी दुनिया से खुद को दूर रखें और इस कार्यशाला के माध्यम से अपनी अंतर्निहित कलात्मक प्रतिभा को विकसित करें।”
कार्यक्रम में गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक श्री गौरीशंकर (ऋषि को ऑनर), कार्यक्रम सहयोगी गौतम ऋषि, मुख्य प्रशिक्षक अजय कुमार एवं श्री कौशल प्रजापति विशेष रूप से उपस्थित रहे। उद्घाटन सत्र में भारी संख्या में जूनियर (10 से 17 वर्ष) एवं सीनियर (18 वर्ष से ऊपर) वर्ग के प्रतिभागी बच्चों, अभिभावकों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यशाला के मुख्य आकर्षण एवं विषय
यह कार्यशाला 10 जून 2026 से शुरू होकर आगामी 29 जून 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 09:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित की जाएगी। इस 20 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को निम्नलिखित विधाओं का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा:
रंगोली एवं स्केचिंग: रेखाचित्र और रंगों के संयोजन की बारीकियाँ।
पेंटिंग एवं स्पेस पेंटिंग: कैनवास पर कल्पनाओं को साकार करने की तकनीक।
क्राफ्टवर्क: रचनात्मक शिल्प और हस्तशिल्प का निर्माण।
ऑन-द-स्पॉट लैंडस्केप: प्राकृतिक दृश्यों को सजीव रूप से कैनवास पर उकेरना।
कार्यक्रम के अंत में संयोजक गौरीशंकर ने मुख्य अतिथि, प्रशिक्षकों और उपस्थित सभी अभिभावकों व बच्चों का आभार व्यक्त किया और विश्वास जताया कि यह कार्यशाला महराजगंज के बच्चों के सपनों को नए पंख देगी।
