ब्यूरो रिपोर्ट/एमडी न्यूज़
महराजगंज। जनपद के निचलौल स्थित ‘राम समुख दास इण्टरमीडिएट कॉलेज’ (पिपरा काजी) में नियमों को ताक पर रखकर बिना वैध प्रशासनिक अनुमोदन के प्राथमिक विद्यालय संचालित करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) महराजगंज ने इस अनियमितता पर कड़ा रुख अपनाते हुए विद्यालय प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है कि क्यों न उनकी मान्यता वापस लेने (प्रत्याहरण) की कार्रवाई शुरू कर दी जाए।

क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता फखरे आलम खान (कृष्णा नगर, निचलौल) और दीपांकर गौतम (ग्राम गिरहिया) द्वारा मुख्यमंत्री ऑनलाइन पोर्टल (IGRS) पर संदर्भ संख्या-40018726009182 और 40018726009178 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राम समुख दास इण्टरमीडिएट कॉलेज को केवल कक्षा 6 से 10 (हाईस्कूल) तक की मान्यता प्राप्त है, लेकिन इसके बावजूद विद्यालय परिसर में अवैध रूप से कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक) और कक्षा 11 व 12 (इंटरमीडिएट) का संचालन किया जा रहा है।
जाँच टीम का गठन और भौतिक निरीक्षण
शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक ने 15 मई 2026 को एक जाँच समिति का गठन किया। इसमें राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरवाँ राजा के प्रधानाध्यापक सुरेन्द्र प्रसाद और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिंहपुर के प्रधानाध्यापक अनमोल कुमार यादव को जाँच अधिकारी नामित किया गया।
जाँच अधिकारियों ने 19 मई 2026 को विद्यालय का स्थलीय और भौतिक निरीक्षण किया। निरीक्षण और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद निम्नलिखित निष्कर्ष सामने आए:
कक्षा 11 व 12 (इंटरमीडिएट): जाँच के दौरान इंटरमीडिएट की कक्षाएं संचालित नहीं पाई गईं। इससे संबंधित कोई छात्र, उपस्थिति पंजिका या शुल्क रसीद भी नहीं मिली, जिसके कारण यह शिकायत अपुष्ट साबित हुई। हालांकि, शिकायतकर्ता द्वारा सौंपे गए विज्ञापनों और फ्लेक्स चार्ट में कक्षा 12 तक के प्रवेश का प्रचार पाया गया, जो विद्यालय की अमान्य कक्षाएं चलाने की मंशा को दर्शाता है।
कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक): निरीक्षण के समय प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) के बच्चे विद्यालय परिसर में पढ़ते हुए पाए गए।
समझौते के नाम पर चल रहा था खेल
जब जाँच टीम ने प्राथमिक कक्षाओं के अवैध संचालन पर पूछताछ की, तो विद्यालय के प्रधानाचार्य और प्रबंधक राजेन्द्र पटेल ने एक निजी समझौते का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि ‘सूर्या शिशु ज्ञान मन्दिर (पिपरा काजी)’ के पूर्व संचालक विजय कुमार चौधरी ने 1 अप्रैल 2023 को एक आपसी सहमति पत्र के जरिए इस प्राथमिक विद्यालय का संचालन अधिकार उन्हें सौंप दिया था। प्रबंधक का तर्क था कि चूंकि यह मान्यता उनके नाम ट्रांसफर हो चुकी है, इसलिए बच्चे इसी कैंपस में पढ़ रहे हैं।

शिक्षा विभाग का कड़ा रुख और कार्रवाई
जाँच अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि दो निजी पक्षों के बीच हुए इस समझौते को किसी भी सक्षम प्रशासनिक अधिकारी या शिक्षा विभाग द्वारा अनुमोदित (Approve) नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त, नियमों के अनुसार किसी भी माध्यमिक विद्यालय के परिसर में प्राथमिक या जूनियर की कक्षाएं संचालित नहीं की जा सकती हैं।
इस जाँच आख्या के आधार पर जिला विद्यालय निरीक्षक, महराजगंज ने दोतरफा कार्रवाई शुरू कर दी है:
प्रबंधन को नोटिस: राम समुख दास इण्टरमीडिएट कॉलेज के प्रबंधक को एक सप्ताह का समय देते हुए जवाब मांगा गया है। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
प्राथमिक विद्यालय बंद करने के निर्देश: जिला विद्यालय निरीक्षक ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), महराजगंज को पत्र लिखकर नियमों के विपरीत चल रही कक्षा 1 से 5 तक के संचालन को तुरंत बंद कराने की अपेक्षा की है, ताकि आईजीआरएस (IGRS) शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जा सके।
