सफलता की कहानी

बिहान योजना से आत्मनिर्भर बनीं तारामणि राजवाड़े, कृषि कार्यों से हासिल की सफलता, बनीं लखपति दीदी
अम्बिकापुर 13 जून 2026/ महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में संचालित राज्य शासन की महत्वाकांक्षी बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं न केवल अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं, बल्कि परिवार और समाज में अपनी एक नई पहचान भी बना रही हैं।

सरगुजा जिले के ग्राम चठिरमा की रहने वाली श्रीमती तारामणि राजवाड़े एकता स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक गतिविधियों के लिए ऋण सुविधा प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने कृषि एवं खेती-बाड़ी के कार्यों का विस्तार किया। समूह के माध्यम से प्राप्त वित्तीय सहायता और निरंतर मार्गदर्शन ने उन्हें अपनी आजीविका को मजबूत बनाने का अवसर प्रदान किया।

तारामणि राजवाड़े ने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। खेती-किसानी के कार्यों में निवेश कर उन्होंने आय बढ़ाई और आज वे ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। उन्होंने कहा कि समूह से जुड़ने के बाद उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि बिहान योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। आज वे स्वयं निर्णय लेने में सक्षम हैं और अपनी मेहनत के बल पर परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही हैं। तारामणि ने अपनी सफलता का श्रेय राज्य शासन की योजनाओं और स्व-सहायता समूहों को देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया।

बिहान योजना के माध्यम से जिले में हजारों महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आजीविका संवर्धन, कृषि, पशुपालन, लघु उद्यम एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों के जरिए आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हैं। यह योजना ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाते हुए उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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