MD न्यूज़ से जितेंद्र कुमार गौतम की रिपोर्ट बरेली के सेटेलाइट बस अड्डे पर रविवार सुबह लावारिस मिले दो माह के मासूम के माता-पिता को पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ढूंढ निकाला। हरदोई निवासी दंपती मासूम बच्चे को आर्थिक तंगी और बीमारी के कारण यहां छोड़ गए थे। पूछताछ में उन्होंने यह बात बताई।

बरेली के सेटेलाइट बस अड्डे पर रविवार सुबह फल के ठेले के नीचे कपड़े में लिपटे मिले मासूम के माता-पिता का पुलिस ने 24 घंटे के अंदर पता लगा लिया। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि हरदोई निवासी दंपती उसे यहां छोड़ गए थे। पूछताछ में दंपती ने बच्चे की पहचान की। यह भी स्वीकार किया कि बच्चा गंभीर बीमारी से पीड़ित है। उसे दौरे पड़ते हैं। आर्थिक तंगी की वजह से वे उसका इलाज नहीं करा पा रहे थे। इसी वजह से उसे छोड़ गए थे।
सेटेलाइट बस अड्डे पर पांच जुलाई की सुबह एक फल के ठेले के नीचे कपड़े में लिपटा दो माह का मासूम रोता मिला था। सूचना पर चौकी प्रभारी मयंक भारद्वाज ने बच्चे को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भिजवाया था। उपचार के बाद बच्चे को चाइल्डलाइन के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो एक महिला और पुरुष बच्चे को छोड़ते दिखे। छह जुलाई को पुलिस ने बच्चे के हरदोई के माधौगंज थाना क्षेत्र निवासी माता-पिता स्वाति वाजपेयी व ओमप्रकाश मिश्रा को ढूंढ निकाला। पिता पल्लेदारी करते हैं।
दत्तक ग्रहण एजेंसी पहुंचे दंपती
दंपती पहले जिला पंचायत स्थित दत्तक ग्रहण एजेंसी पहुंचकर बच्चे से मिलने की जिद करने लगे। वहां मौजूद चाइल्ड लाइन कर्मियों ने उन्हें बाल कल्याण समिति भेज दिया। चाइल्ड लाइन के अनुसार, अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि बच्चा इसी दंपती का है। इसकी पुष्टि होने के बाद बाल कल्याण समिति नियमानुसार निर्णय देगी। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि माता-पिता की पहचान हो गई है। औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
