ब्यूरो चीफ रफीउल्लाह खान की रिपोर्ट
दिल्ली में चल रहे युवाओं के आंदोलन को भी समर्थन का ऐलान किया । जुलूस के दौरान करीब दो घंटे तक हाईवे जाम रहा। एहतियात के तौर पर भारी संख्या में पुलिस तैनात रही।लोकल समस्याओं को भी लेकर आवाज उठाई ।
राष्ट्रीय आह्वान पर
जिलेभर के कार्यकर्ता और किसान मंगलवार को राष्ट्रीय आह्वान पर भाकियू के प्रदेश कैंप कार्यालय एकत्र हुए । प्रदेश महासचिव हसीब अहमद और जिला अध्यक्ष दरबारी लाल शर्मा के नेतृत्व में जुलूस निकाला । किसान नारेबाजी करते हुए हाइवे से कलेक्ट्रेट पहुंचे । किसानों की भीड़ के सामने ट्रैफिक व्यवस्था लड़खड़ा गई। रेलवे स्टेशन से अंबेडकर पार्क तक हम लोग गया। भीड़ देखकर पुलिस के भी हाथ पैर फूल गए। किसानों की भीड़ कलेक्ट्रेट पहुंची और प्रदर्शन के वही धरने पर बैठ गए। प्रदेश महासचिव हसीब अहमद ने दिल्ली में चल रहे आंदोलन को समर्थन का लिया।
दो घंटे बाद अपर जिला अधिकारी किसानों के बीच पहुंचे। किसानों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा। साथ ही क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर दूसरा ज्ञापन दिया। उसमें रामपुर डिस्टलरी,स्वाति मेंथॉल से निकलने वाले प्रदूषित पानी पर रोक,बिजली, अधिग्रहीत भूमि का उचित मुआवजा,सिंचाई,बिजली समस्या, सड़कों और पुलियों की मरम्मत कराने की मांग की।
ज्ञापन देने वालों में हाफिज अब्दुल सलाम पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रदेश सचिव दरियाव सिंह यादव, जिला प्रमुख सचिव तजम्मुल हुसैन राहत बाली ख़ान,शान खान भूप सिंह, लखनखेड़ा, दीप चंद लोधी साबिर अली मज़ार लाला प्रमोद यादवराम बहादुर यादव चौधरी राजपाल सिंह चौधरी अजीत सिंह जसवीर सिंह रंधावा अमीर अहमद रविंद्र जाट रामवीर सिंह गुर्जर सोमपाल मिस्त्री अनिल ठाकुर कल्लू सिंह ठाकुर मनोज ठाकुर दरियाव सिंह लोधी पंकज कुमार सूरज कुमार रहमान अली खुर्शीद अली खूब सिंह चौहान पंचम सिंह चौहान इरफान अली खेमकरण सिंह लोधी संतराम सेठ बालकिशोर पांडे अनमोल पांडे अरविंद शर्मा विशेष पांडे अब्दुल सत्तार नसीर अली रामदास मौर्य भूप सिंह रोहतास प्रजापति गेंदालाल मौर्य रामस्वरूप सागर अखलाक हुसैन नाजिम सरफराज राजेश दानिश राजेंद्र सिंह मदनलाल सोमपाल , भारत सिंह यादव, खलील, राजवीर सिंह चना खान अफरोज डॉक्टर पप्पू विपिन यादव भी थे।
प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन के मुख्य बिंदु
-भारत- अमेरिका व्यापार समझौते को तत्काल निरस्त किया जाए।
-किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते में कृषि और डेरी क्षेत्र को पूरी तरह बाहर रखा जाए।
-भारत में सस्ते विदेशी कृषि उत्पादों के आयात पर रोक लगाई जाए, ताकि भारतीय कृषकों को उपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
-भारत के छोटे एक सीमांत किसानों की आय और कृषि की रक्षा के लिए प्रभावी कानून और नीतिगत सुरक्षा दी जाए।
-किसान हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसी भी व्यापार समझौते से पहले किसान संगठनों से व्यापक परामर्श किया जाए।
रामपुर। बारिश में भी किसानों का उत्साह कम नहीं हुआ । कलेक्ट्रेट में धरने के दौरान तेज बारिश आ गई । किसान वर्ष में ही धरने पर बैठे रहे। बारिश में ही एडीएम को ज्ञापन सौंपा।

