जौहर विश्वविद्यालय की 38 इमारतें न तोड़े जाने की मांग, सपा नेता रामबहादुर एडवोकेट ने दी प्रतिक्रिया
एमडी न्यूज़ बहुआयामी समाचार पत्र एवं न्यूज़ चैनल
लोकेशन रामपुर
ब्यूरो चीफ रफीउल्लाह खान की
रामपुर। मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की 38 इमारतों को ध्वस्त किए जाने की चर्चाओं के बीच समाजवादी पार्टी के नेता एवं अधिवक्ता रामबहादुर ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की कार्रवाई करते समय सबसे पहले छात्रों के भविष्य और उनकी शिक्षा का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य इस संस्थान से जुड़ा हुआ है, इसलिए ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जिससे उनकी पढ़ाई और करियर प्रभावित हो।
रामबहादुर एडवोकेट ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय से संबंधित कोई कानूनी या प्रशासनिक विवाद है तो उसका समाधान संविधान और कानून के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि जौहर विश्वविद्यालय की 38 इमारतों को ध्वस्त न किया जाए और ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए तथा छात्र हित को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और न्यायपूर्ण निर्णय लेने की अपील की।


