बहु-आयामी पार्टी (B.A.P.) ने खोला मोर्चा: अर्धनिर्मित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर अवैध टोल वसूली को बताया ‘तकनीकी डकैती’लखनऊ/कानपुर, 25 जुलाई 2026:लखनऊ और कानपुर के बीच नव-निर्मित स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के महत्वाकांक्षी लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (NE-6) पर काम पूरा होने से पहले ही शुरू की गई टोल वसूली के खिलाफ जनता का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर बहु-आयामी पार्टी (बी.ए.पी.) ने केंद्र सरकार, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के खिलाफ सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव ने संयुक्त रूप से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, स्थानीय सांसदों और लखनऊ-कानपुर के जिलाधिकारियों को एक कड़ा ज्ञापन सौंपकर इस ‘आर्थिक उत्पीड़न’ को तुरंत रोकने की मांग की है।चुनावी वाहवाही के लिए जल्दबाजी में उद्घाटन, जनता पर ₹500 का भारी बोझबहु-आयामी पार्टी (B.A.P.) के राष्ट्रीय नेतृत्व ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केवल राजनीतिक और चुनावी वाहवाही लूटने के लिए एक्सप्रेसवे का काम पूरा हुए बिना ही जल्दबाजी में इसका उद्घाटन कर दिया गया। पार्टी ने आंकड़ों के साथ दावा किया कि मात्र 64 किलोमीटर के इस अधूरे सफर के लिए छोटी गाड़ियों से लगभग ₹500 (राउंड ट्रिप) और बड़े वाहनों से ₹1000 तक की वसूली की जा रही है, जो इसे “देश का सबसे महंगा टोल” बनाता है। इसके साथ ही, पुराने समानांतर मार्ग (NH-27) का टोल भी बढ़ा दिया गया है, जिससे आम जनता के लिए सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं।दोषपूर्ण इंजीनियरिंग से भीषण जाम और FASTag से ‘डिजिटल लूट’विज्ञप्ति में एक्सप्रेसवे की तकनीकी खामियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए निम्नलिखित मुख्य बिंदु उठाए गए हैं:बॉटम-नेक (भीषण जाम): मुख्य मार्ग 6-लेन का बनाया गया है, लेकिन एंट्री और एक्जिट पॉइंट्स पर इसे अचानक संकरा करके केवल 2-लेन का कर दिया गया है। इस दोषपूर्ण इंजीनियरिंग के कारण यात्रा का समय घटने के बजाय वहां घंटों का भीषण जाम लग रहा है।FASTag से घर बैठे पैसे की चोरी: टोल का सॉफ्टवेयर और सिस्टम पूरी तरह त्रुटिपूर्ण है। आउटर रिंग रोड से गुजरने वाले या घरों व गैरेज में खड़ी गाड़ियों के FASTag से भी डबल-डबल पैसे ऑटोमैटिक कट रहे हैं, जिसे पार्टी ने ‘डिजिटल डकैती’ करार दिया है।रोडवेज किराए में अप्रत्याशित वृद्धि: भारी-भरकम टोल टैक्स के कारण उद्घाटन के महज 8 दिनों के भीतर ही परिवहन निगम ने बसों का किराया अत्यधिक बढ़ा दिया है, जिससे दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों की कमर टूट गई है।साइनबोर्ड की कमी और जबरन लूट: एक्सप्रेसवे पर दिशा-सूचक बोर्ड न होने के कारण नए वाहन चालक अनजाने में टोल रोड की तरफ चले जाते हैं। वहां से वापसी का कोई रास्ता न होने के कारण उनसे जबरन भारी टोल वसूला जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।बहु-आयामी पार्टी (B.A.P.) की लोकतांत्रिक मांगें:जनहित को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक दल ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित चार प्रमुख मांगें रखी हैं:टोल पर तुरंत रोक: जब तक एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत (100%) पूरा नहीं हो जाता, तब तक टोल वसूली पूरी तरह बंद की जाए।बढ़ा हुआ रोडवेज किराया वापस हो: परिवहन निगम द्वारा बढ़ाए गए अतिरिक्त बस किराए को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।डिजिटल घोटाले की जांच: जिलाधिकारी की निगरानी में FASTag से गलत पैसे कटने की उच्च स्तरीय जांच हो और उपभोक्ताओं को ब्याज सहित रिफंड मिले।इंजीनियरिंग में सुधार: एंट्री-एक्जिट पॉइंट को तुरंत 6-लेन के अनुकूल चौड़ा किया जाए और भ्रामक रास्तों पर स्पष्ट साइनबोर्ड लगाए जाएं।मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनीबहु-आयामी पार्टी (बी.ए.पी.) ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि लखनऊ-कानपुर के जिला प्रशासन, स्थानीय सांसदों और संबंधित मंत्रालय ने इन जन-समस्याओं का तुरंत निवारण नहीं किया, तो पार्टी दोनों जिलों में आम जनता, दैनिक यात्रियों और व्यापारिक संगठनों को साथ लेकर सड़कों पर उतरकर एक व्यापक और उग्र जन-आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

