• नीट परीक्षा की चुनौतियों के बीच छात्रों के लिए वरदान साबित होगी यह अनूठी पुस्तक, ग्रामीण और जरूरतमंद मेधावी छात्रों को चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मिलेगा संबल
विशेष संवाददाता, लखनऊ।
देश की प्रतिष्ठित संस्था ‘बहुआयामी शिक्षा तकनीकी एवं अनुसंधान समिति’ ने देश की भावी पीढ़ी और चिकित्सा क्षेत्र के छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक और सराहनीय कदम बढ़ाया है। वर्तमान समय में जहां मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं (NEET) का स्तर लगातार कठिन होता जा रहा है और कोचिंग संस्कृति के कारण शिक्षा महंगी होती जा रही है, वहीं संस्था ने लखनऊ के प्रसिद्ध मेडिकल एरा विश्वविद्यालय (Era University) की पुस्तकालय (Library) को अपनी बहुप्रतीक्षित नीट यूजी बायोलॉजी एमसीक्यू एवं प्रश्न समाधान पुस्तक (NEET UG Biology MCQ Question Bank) निःशुल्क दान की है। हाल ही में विश्व रक्तदान दिवस के पावन अवसर पर विमोचित हुई इस पुस्तक को संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के.एम. अमिश के मार्गदर्शन में और मुख्य लेखक डॉ. काजिम अली द्वारा गहन शोध के बाद तैयार किया गया है। पुस्तक के महत्व और मेडिकल क्षेत्र के छात्रों की जरूरत को देखते हुए संस्था के पदाधिकारियों ने इसे विश्वविद्यालय के पुस्तकालय को सौंपने का निर्णय लिया, ताकि हर वर्ग के मेधावी छात्र बिना किसी आर्थिक बाधा के इस अनमोल संसाधन का लाभ उठा सकें।
डिजिटल युग में समृद्ध होती विश्वविद्यालय पुस्तकालयें आज के डिजिटल और इंटरनेट के युग में जहां युवा किताबों से दूर हो रहे हैं, वहीं विश्वविद्यालय की पुस्तकालयों को ऐसी उच्च स्तरीय गाइड बुक्स से समृद्ध करना एक बेहतरीन पहल है। चिकित्सा जगत में जाने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए पुस्तकालय में इस पुस्तक की उपलब्धता किसी वरदान से कम नहीं होगी। यह कदम न केवल कॉलेज की शैक्षणिक साख को मजबूत करता है, बल्कि छात्रों में स्वाध्याय (Self-study) की प्रवृत्ति को भी बढ़ावा देता है।
क्या है इस पुस्तक की खासियत? पुस्तक के मुख्य लेखक डॉ. काजिम अली, डॉ. के.एम. अमिश ने बताया कि इस पुस्तक को कक्षा 11 और 12 के नवीनतम राष्ट्रीय पाठ्यक्रम (NCERT) के अनुसार 32 अध्यायों में विभाजित किया गया है। इसमें: पिछले वर्षों की नीट परीक्षाओं में पूछे गए 3000 से अधिक महत्वपूर्ण प्रश्नों का संकलन है। छात्रों की बेहतर समझ के लिए प्रत्येक कठिन प्रश्न का तार्किक एवं चित्रात्मक (Diagrammatic) समाधान दिया गया है। परीक्षा के बदलते पैटर्न को ध्यान में रखते हुए एनसीईआरटी के कोर कॉन्सेप्ट्स को आसान भाषा में समझाया गया है।
नीट और शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों पर विचार संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के.एम. अमिश ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान समय में नीट जैसी परीक्षाओं को लेकर देश के छात्रों में भारी मानसिक दबाव है। पेपर लीक और परीक्षा प्रणालियों की चुनौतियों के बीच, ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के मेधावी छात्र पीछे न छूटें, यह सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। संस्था का उद्देश्य केवल पुस्तकों का प्रकाशन करना नहीं, बल्कि उन्हें उन हाथों तक पहुँचाना है जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। उन्होंने भविष्य में इस पुस्तक का डिजिटल संस्करण (E-Book) और वीडियो आधारित समाधान लाने की भी घोषणा की। इस दान कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने ‘बहुआयामी शिक्षा तकनीकी एवं अनुसंधान समिति’ के इस परोपकारी कार्य की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक नीट की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम में शिक्षाविद्, प्रबुद्ध नागरिक और संस्था के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने शिक्षा के लोकतंत्रीकरण की इस अनूठी पहल का स्वागत किया।

