गौरव चतुर्वेदी के नेतृत्व में बैंक कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन, पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग

वाराणसी। सार्वजनिक एवं निजी बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों की राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय हड़ताल के तहत शुक्रवार को वाराणसी में बैंकिंग संगठनों ने बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय कार्यालय, बड़ौदा भवन, चांदपुर स्थित औद्योगिक क्षेत्र में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बैंक कर्मचारियों ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने सहित विभिन्न लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
प्रदर्शन में गौरव चतुर्वेदी, क्षेत्रीय सचिव, अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ तथा अध्यक्ष, भारतीय राष्ट्रीय बैंक अधिकारी कांग्रेस, उत्तर प्रदेश ने सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने कहा कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित और न्यायसंगत मांग है। मार्च 2024 में हुए समझौते के अनुसार संघों ने सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने की सहमति जताई थी, इसके बावजूद शेष शनिवारों को अवकाश घोषित करने का मामला करीब ढाई वर्षों से वित्त मंत्रालय में लंबित है।
प्रदर्शनकारियों ने बैंकों में लिपिक एवं अधीनस्थ कर्मचारियों की पर्याप्त भर्ती, राष्ट्रीय पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने का मार्ग प्रशस्त करने, राष्ट्रीय पेंशन योजना में अतिरिक्त चार प्रतिशत अंशदान पर आयकर छूट, उपदान सीमा में वृद्धि, पेंशन अद्यतनीकरण, पूर्व-ग्रेसिया एवं महंगाई भत्ते से संबंधित मांगों को पूरा करने की मांग की।
इसके अलावा बैंकों में कर्मचारी एवं अधिकारी निदेशक पदों पर नियुक्ति, अवकाश बैंक प्रणाली शुरू करने तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों की चिकित्सा बीमा पॉलिसी का प्रीमियम बैंकों द्वारा वहन किए जाने की मांग भी प्रमुख रही।
प्रदर्शन में विशाल कुमार, तरुण कुमार मंगलम, गौरव सिंह, सोनाक्षी किशोर, पी.के. घोष, एस.पी. रॉय, अमन सेठ, राघवेंद्र चतुर्वेदी, राजेश यादव, कौशल रावत, जय प्रकाश, मोहन लाल, पुनीत के. सिंह, राकेश मेहता एवं आर.के. जैन सहित विभिन्न बैंक संगठनों के पदाधिकारी और सैकड़ों बैंक अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।
संयुक्त बैंक संघ मंच ने आंदोलन को आगे बढ़ाने की घोषणा करते हुए 28, 29 एवं 30 सितंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल तथा 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में कर्मचारियों के बेहतर कार्य-जीवन संतुलन के लिए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकारों सहित भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय जीवन बीमा निगम, नाबार्ड, निजी कंपनियों और शेयर बाजार से जुड़े संस्थानों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की व्यवस्था पहले से लागू है।

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