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रिपोर्ट शाहनूर आलम जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख फतेहपुर

फतेहपुर : शहर के चर्चित मंगी मकबरा विवाद मामले में जिला न्यायालय से महत्वपूर्ण आदेश सामने आया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) कोर्ट संख्या-1 ने मुस्लिम पक्ष द्वारा दायर रिवीजन याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत के इस आदेश के बाद मामले ने नया कानूनी मोड़ ले लिया है।
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता रामजी सहाय ने बताया कि निचली अदालत में मकबरा से संबंधित एक डिक्री पारित हुई थी, जिसके विरुद्ध विपक्ष की ओर से रेस्टोरेशन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। उनके अनुसार, रेस्टोरेशन के विरुद्ध नियमानुसार 30 दिनों के भीतर अपील दाखिल की जानी चाहिए थी, लेकिन मुस्लिम पक्ष निर्धारित समय सीमा में अपील दाखिल नहीं कर सका।
अधिवक्ता ने बताया कि इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने विलंब से रिवीजन याचिका दायर की, जिस पर 5,000 रुपये के हर्जाने की शर्त भी लगाई गई थी। दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध अभिलेखों पर सुनवाई के बाद एडीजे कोर्ट संख्या-1 ने मुस्लिम पक्ष की रिवीजन याचिका खारिज कर दी।
वहीं, मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता अनिल कुमार श्रीवास्तव ने भी पुष्टि की कि अदालत ने रिवीजन याचिका निरस्त कर दी है। उन्होंने कहा कि आदेश का अध्ययन करने के बाद अपने मुवक्किल से विचार-विमर्श किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर मामले में उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
फिलहाल अदालत के इस फैसले के बाद मंगी मकबरा विवाद में कानूनी प्रक्रिया का अगला चरण हाईकोर्ट में चुनौती के रूप में सामने आ सकता है।
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