धर्मेन्द्र कसौधन/ब्यूरो
महराजगंज। जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने, भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा तथा निर्माणाधीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेने के उद्देश्य से जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल एवं पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन ने सोमवार को भारत-नेपाल सीमा स्थित सोनौली बॉर्डर और निर्माणाधीन एकीकृत जांच चौकी (Integrated Check Post-ICP) का संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सोनौली सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, आवागमन, निगरानी तंत्र तथा सीमा पर तैनात विभिन्न सुरक्षा एवं प्रशासनिक एजेंसियों के कार्यों की जानकारी ली। अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था की ली जानकारी
डीएम और एसपी ने सोनौली बॉर्डर पर भारत-नेपाल के बीच होने वाले आवागमन की स्थिति का जायजा लिया। सीमा क्षेत्र में वाहनों एवं यात्रियों की जांच, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी, कानून-व्यवस्था तथा सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की गई।

अधिकारियों ने निर्देश दिया कि सीमा क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों और वाहनों पर सतर्क निगरानी रखी जाए। संदिग्ध गतिविधि अथवा व्यक्ति की जानकारी मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही विभिन्न सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
निर्माणाधीन एकीकृत जांच चौकी का भी किया निरीक्षण
संयुक्त निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सोनौली में निर्माणाधीन एकीकृत जांच चौकी (ICP) का भी स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति, प्रगति और मौके पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया।उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों से परियोजना की प्रगति के संबंध में जानकारी ली तथा निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।डीएम ने निर्माणाधीन परिसर में प्रस्तावित विभिन्न व्यवस्थाओं और सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारत-नेपाल सीमा पर आवागमन, सुरक्षा जांच और सीमा प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसलिए निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है।

सुरक्षा और विकास कार्यों में समन्वय पर जोर
अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं के विकास को भी प्राथमिकता देने की बात कही। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा किसी भी समस्या का समय रहते समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।डीएम एवं एसपी ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। सीमा क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही आम नागरिकों और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में नियमित निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना का त्वरित संज्ञान लेने और सुरक्षा व्यवस्था को लगातार प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने को कहा गया।डीएम और एसपी के संयुक्त औचक निरीक्षण से सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की गंभीरता भी स्पष्ट हुई। अधिकारियों ने कहा कि सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए नियमित निरीक्षण और निगरानी की प्रक्रिया आगे भी जारी रखी जाएगी।

निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रशासनिक, पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों एवं निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे।
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