सांसद अवधेश प्रसाद और पूर्व विधायक रुश्दी मियां की पहल पर स्वदेश लाया गया शव
लखनऊ एयरपोर्ट से पैतृक गांव रसूलपुर लिलहा पहुंचाया गया पार्थिव शरीर

अनिल यादव मवई अयोध्या एम डी न्यूज
रोजी-रोटी की तलाश में सात समंदर पार गए अयोध्या के एक और लाल की विदेश में जिंदगी की डोर टूट गई। तीन सितंबर 2025 को बेहतर भविष्य का सपना लेकर सऊदी अरब गए लिलहा रसूलपुर निवासी बृजेश रावत (पुत्र जगजीवन प्रसाद) ने बीते 22 जुलाई 2026 को वहां फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। बुधवार सुबह जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, तो परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन सदमे में आ गए थे। बदहवास परिवार की केवल एक ही गुहार थी कि किसी तरह बेटे का चेहरा आखिरी बार देखने को मिल जाए। परिजनों ने इस संबंध में अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद और पूर्व मंत्री व रुदौली के पूर्व विधायक सैय्यद अब्बास अली जैदी ‘रुश्दी मियां’ से मदद की गुहार लगाई। जन प्रतिनिधियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास और संबंधित अधिकारियों से संपर्क साधा।
कागजी व कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बुधवार सुबह बृजेश का शव लखनऊ एयरपोर्ट लाया गया। वहां सांसद पुत्र अजीत प्रसाद और पूर्व विधायक रुश्दी मियां ने पार्थिव शरीर को रिसीव किया और परिजनों के साथ गांव के लिए रवाना हुए।
अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब
शव के गांव पहुंचते ही परिजनों का ढांढस बंधाने वालों का तांता लग गया। रुश्दी मियां ने कहा कि विदेश में फंसे या हादसों के शिकार हुए भारतीयों की मदद करना उनकी प्राथमिकता रही है। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, सपा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। परिजनों की मौजूदगी में देर शाम बृजेश का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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