
इंटरनेशनल टूरिज्म मंच पर काशी की धमक, वियतनाम में वाराणसी का प्रतिनिधित्व
नई दिल्ली/वाराणसी। भारत-वियतनाम के बीच पर्यटन संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से दलात, वियतनाम में आयोजित एफएएम (Familiarization) ट्रिप में देशभर से चयनित 12 ट्रैवल एजेंटों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का आयोजन भारत के कॉन्सुलेट जनरल और लाम डोंग प्रांत के संस्कृति, खेल एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त सहयोग से किया गया।
इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का प्रतिनिधित्व वाराणसी के दो प्रमुख ट्रैवल एजेंट कर रहे हैं।इनमें भुवनेन्द्र विक्रम सिंह, प्राइम वैल्यू टूर एवं IATO को-चैप्टर चेयरमैन, उत्तर प्रदेश और ट्रैवल ओसियन के निदेशक अभिषेक सिंह शामिल रहे। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे भुवनेन्द्र विक्रम सिंह को वियतनाम टूरिज्म के डिप्टी डायरेक्टर और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारत के कॉन्सुलेट जनरल की ओर से विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान अभिषेक सिंह ने दोनों देशों के पर्यटन कारोबार को बढ़ाने, पर्यटकों के आवागमन में वृद्धि और नए व्यावसायिक अवसर विकसित करने को लेकर विशेष चर्चा की। आयोजन में वियतनाम के प्रमुख ट्रैवल एजेंट, होटल व्यवसायी, एयरलाइंस प्रतिनिधि और विभिन्न सरकारी अधिकारी शामिल हुए।
एफएएम ट्रिप के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ग्राउंड लेवल सर्विस, होटल, परिवहन, एयर कनेक्टिविटी और प्रमुख पर्यटन स्थलों का जायजा लिया। भारतीय और वियतनामी पर्यटन प्रतिनिधियों ने पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, नए टूर पैकेज विकसित करने और दोनों देशों के बीच पर्यटकों के आवागमन को बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।
भारत लौटने के बाद दोनों देशों के पर्यटन कारोबार को आगे बढ़ाने तथा काशी-वाराणसी समेत भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों को वियतनामी पर्यटकों के बीच बढ़ावा देने की दिशा में काम करने पर जोर दिया गया। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों के अनुसार, इस पहल से आने वाले समय में भारत-वियतनाम के बीच पर्यटन कारोबार और पर्यटकों के आवागमन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
![]()
