रिपोर्टर आकाश मिश्र
बहुआयामी समाचार

लखीमपुर खीरी, 16अगस्त2026। राष्ट्रीय पर्वों पर विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों पर अपने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का आरोहण कर उसको सम्मान दिया जाता है किंतु ध्वजारोहण करने का और उसके के साथ ही इसको उतारने का भी एक समय निश्चित होता है। यदि ध्वजारोहण करने के बाद निश्चित समय पर इसको उतारा न गया तो राष्ट्रीय ध्वज का अपमान भी माना जाता है।
राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के अपमान का ऐसा ही मामला लखीमपुर खीरी जनपद के मितौली क्षेत्र के अंतर्गत कस्ता कॉलोनी पर प्राथमिक विद्यालय में देखने को आया है जहां कल स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज को फहराया गया था किंतु संध्या के समय उसको उतरा नहीं गया। रात्रि में मौसम खराब हो जाने की वजह से राष्ट्रीय ध्वज भीगता रहा और रविवार को भी उसको नहीं उतारा गया। अब इसको राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान कहा जाए अथवा अपमान? क्योंकि जैसे ही ध्वजारोहण करना आवश्यक होता है ठीक उसी प्रकार ध्वज को उतारना भी आवश्यक होता है इससे राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान एवं गरिमा बनी रहती है। इससे कस्ता स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात कर्मचारियों की लापरवाही का जीता जागता सबूत मिल रहा है।

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