प्रिय साथियों कल उत्तर प्रदेश के विभिन्न दिव्यांग संगठनो का सामूहिक धरना प्रदर्शन दिव्यांगजनों की समस्याओं को लेकर किया गया जिसका किसी राजनीतिक पार्टी से कोई लेना देना नहीं था इसका लेना देना सिर्फ और सिर्फ दिव्यांगजनों की मूलभूत समस्याओं से था जिस प्रदर्शन में पहुंचने वाले पहले व्यक्ति हम और राजकुमार जी थे और सबसे अंत में हम दोनों ही निकले
md न्यूज़ से संवाददाता जितेंद्र कुमार गौतम ब सहयोगी सुमन भारती की रिपोर्ट
साथियों जैसा की आप सभी लोग जानते ही हैं की धरना प्रदर्शन में दिव्यांगजन जब उतरते हैं तो उनके लिए कोई भी बढ़ाएं आड़े नहीं आती हम #विजयोयावीरगति के सिद्धांत पर उतरते हैं कल प्रशासन ने भी यह देखा होगा की किस प्रकार से दिव्यांग मौसम की इतनी विपरीत परिस्थित होने के बावजूद कितनी बड़ी संख्या में गांधी प्रतिमा, विधानसभा तथा इको गार्डन में प्रदर्शन किया हमारे कुछ साथी धरना प्रदर्शन एक से पूर्व प्रमुख सचिव स्तर की बैठक में गए थे जिसके आधार पर विभिन्न मांगों की सहमति पर और मौसम को देखते हुए धरना प्रदर्शन के संतोषजनक परिणाम पर स्थगित कर दिया गया बाद में हमें पता चला की बारिश के बाद हमारे अनेक साथी धरना स्थल पर पहुंच गए थे हालांकि तब तक हम लोग जा चुके थे हमें खेद है कि वह लोग हमसे नहीं मिले आप लोग इतने कठिन परिस्थिति में इतनी बड़ी संख्या में लखनऊ आए इसके लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद आपके इस मेहनत और लगन का दिव्यांग समाज सदैव ऋणी रहेगा
साथियों अगली बार आप लोगों से मुलाकात होगी तब तक किसी की कोई भी समस्या हो व्यक्तिगत या सामाजिक हम लोग एक दूसरे को साझा करते हुए समस्या समाधान पर कार्य करेंगे एक महीने का समय जो प्रशासन ने लिया है अगर इस अवधि के दौरान कोई सार्थक परिणाम प्रशासन द्वारा नहीं दिए जाते तो हम लोग फिर से आंदोलन करेंगे हमारी मांग बहुत बड़ी नहीं है ऐसी भी नहीं है जिसका जिक्र शासन प्रशासन स्तर पर ना हुआ है लेकिन धरातल पर न पहुंचने की वजह से दिव्यांगजनों में आक्रोश है
हम आग्रह भी करना चाहते हैं सरकार शासन और प्रशासन में बैठे लोगों से की दिव्यांगजनों के साथ बैठकर उनकी मूलभूत समस्याओं को सुनकर उसके समाधान की दिशा में अग्रसर हो दिव्यांग भी समाज का एक महत्वपूर्ण अंग है और उत्तर प्रदेश में उनकी जनसंख्या 54 लाख से अधिक है इतने बड़े जनसंख्या समूह को दरकिनार करना यह न्यायोचित नहीं है
एक दिव्यांग जिसका चुनौती पूर्ण जीवन है और चुनौती पूर्ण है उसका कहीं आना-जाना और वह भी चुनौती पूर्ण स्थिति में जो लोग यहां पहुंचे उनका मैं हृदय से पुनः आभार व्यक्त करता हूं आप लोग कर्मयोगी हैं आप लोगों का यह त्याग और बलिदान प्रदेश के 54 लाख दिव्यांगजनों के जीवन में अमूल चूल परिवर्तन लाएगा हम फर्जी राजनैतिक रोटी सेंकने वाले नहीं समस्या समाधान ही हमारा प्रमुख ध्येय होता है इसलिए हम सिर्फ समस्या पर बात नहीं समाधान पर बात करते हैं

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