चरखारी। नगर पालिका परिषद चरखारी की कान्हा गौशाला में गोवंशों की दुर्दशा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि गौशाला में पर्याप्त साफ-सफाई, उपचार और देखरेख की व्यवस्था नहीं होने के कारण गोवंशों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं लंपी वायरस की चपेट में आने से कई गोवंशों की हालत बिगड़ने और कुछ की मौत होने की बात भी सामने आ रही है।
वहीं सामने आए वीडियो में नगर पालिका के कर्मचारी गौशाला परिसर में मौजूद दिखाई दे रहे हैं, लेकिन वीडियो में वे गोवंशों की देखभाल या उनकी स्थिति सुधारने के लिए सक्रिय नजर नहीं आते। कुछ कर्मचारी आपस में बातचीत करते और मोबाइल फोन चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब गौशाला में गोवंश बीमारी और अव्यवस्थाओं से जूझ रहे हैं, तो वहां तैनात कर्मचारियों की जिम्मेदारी क्या है और उनकी निगरानी कौन कर रहा है?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा गौशाला के संचालन और गोवंशों की देखभाल के नाम पर खर्च की जाने वाली धनराशि के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं हैं। इसी को लेकर नगर पालिका चेयरमैन एवं अधिशासी अधिकारी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों की स्वतंत्र जांच होना अभी बाकी है।

लंपी जैसी संक्रामक बीमारी के मामले में समय पर पशु चिकित्सकीय जांच, संक्रमित पशुओं को अलग रखना, साफ-सफाई और आवश्यक उपचार बेहद जरूरी है। यदि बीमारी के चलते गोवंशों की मौत हो रही है तो संबंधित विभागों को तत्काल गौशाला का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति सामने लानी चाहिए।
स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी महोबा एवं संबंधित अधिकारियों से कान्हा गौशाला का स्थलीय निरीक्षण कराने, गोवंशों की स्वास्थ्य जांच कराने, कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की जांच करने तथा गौशाला में उपलब्ध सुविधाओं और खर्च का रिकॉर्ड सार्वजनिक कराने की मांग की है।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन वायरल वीडियो और गौशाला की वास्तविक स्थिति का संज्ञान लेकर क्या कार्रवाई करता है और बीमार गोवंशों के उपचार एवं देखभाल के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
अरबाज हाशमी
जिला ब्यूरो चीफ, एमडी न्यूज़ महोबा
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