Month: May 2022

प्रदेश में “स्वच्छ विद्यालय पुरुस्कार योजना” अंतर्गत फाइव स्टार वाले विद्यालय किये जाएंगे सम्मानित ..

धर्मेन्द्र कसौधन(ब्यूरो,उत्तर प्रदेश):यू पी सरकार परिषदीय स्कूलों के कायाकल्प करने को लेकर हर सम्भव प्रयास कर रही है,वही जिन स्कूलों में यह कार्य बहुत तेजी से हो रहा है,और वे…

पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में अधिक होती है थायराइड की समस्या युवराज दत्त महाविद्यालय में मानव स्वास्थ्य और थायराइड महत्व पर आयोजित हुआ कार्यक्रम

लखीमपुर खीरी। युवराज दत्त महाविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग एवं जंतु विज्ञान विभाग द्वारा मिशन शक्ति फेज 3 के अंतर्गत विश्व थायराइड दिवस के अवसर पर मानव स्वास्थ्य और थायराइड का…

महिला कल्याण विभाग, बदायूँ द्वारा मिशन शक्ति फेज-4.0 के अन्तर्गत विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम

बदायूँ : जिलाधिकारी महोदया के निर्देश के क्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री चन्द्रभूषण सिंह के मार्गदर्शन मे आज दिनांक 25.05.2022 को जनपद के विभिन्न विद्यालयों यथा नगर पालिका कन्या…

जनपद बरेली के फरीदपुर, बहेड़ी, नवाबगंज, शाहाबाद तथा बरखेड़ा चीनी मिलों के यूनिट हेड के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि गन्ना किसानों का बकाया भुगतान शीघ्र करें और 20 जून तक गन्ने का सर्वे भी करा लिया जाए।⁦

✍️ ब्यूरो रिपोर्ट आलोक मालपाणी (बरेली मंडल)

एक जनपद एक उत्पाद योजना प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ।

बदायूँ : दिनांक 25 मई 2022 को जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से प्रायोजित एक जनपद एक उत्पाद योजना प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ कुमार तनय धर्मशाला मढई चौक बदायूं में…

बिनावर कोतवाल ने अतिक्रमण करने वालों को अतिक्रमण न करने की चेतावनी दी

बिनावर। कोतवाल खीम सिंह जलाल ने आज पैदल गश्त के दौरान अवैध रूप से चल रहे टेंपो स्टैंड के चालको को चेतावनी देकर बता दिया कि किसी भी रूप में…

औरैया:गरजा बुलडोजर -दुबारा अतिक्रमण करनें पर कार्यवाही अभियान रहेगा जारी..

औरैया।जिला प्रशासन के अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत जिले में बुलडोजर चलाया जा रहा है।कस्बा अछल्दामें देर शाम तक नाली के बाहर रोड़ किनारे का अवैध अतिक्रमण बुलडोजर से हटवा…

बदायूं जनपद के ए एस पी नगर ने शहर में पैदल गश्त की

अपर पुलिस अधीक्षक नगर श्री प्रवीन सिंह चौहान,प्रभारी निरीक्षक थाना सिविल लाइन मय पुलिस बल द्वारा जनमानस मे सुरक्षा की भावना जागृत करने,अपराध नियंत्रण,कानून/शान्ति व्यवस्था के दृष्टिगत थाना सिविल लाइन…

उत्तर प्रदेश किन्नर कल्याण बोर्ड की मा. उपाध्यक्ष सुश्री सोनम चिश्ती की अध्यक्षता में आज किन्नरों की समस्याओं के समाधान हेतु गठित जनपद स्तरीय समिति की बैठक सम्पन्न हुई।⁦

✍️ ब्यूरो रिपोर्ट आलोक मालपाणी (बरेली मंडल)

बरेली जनपद के 36 बच्चों को ताइक्वांडो में प्रशिक्षित होने के उपरांत सम्मानित करते हुए उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किए। इनमें 14 ब्लैक बेल्ट उपाधि प्राप्त बालिकाएं भी शामिल हैं।

✍️ ब्यूरो रिपोर्ट आलोक मालपाणी (बरेली मंडल)

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!