Month: May 2022

ओयल पुलिस चौकी के मुख्य द्वार के बाहर एक हर एक पर खे है जो वाहन हो सकता है

e जिला लखीमपुर खीरी के चलने का समय ओयल पुलिस चौकी के मुख्य द्वार के बाहर एक हर एक पर खे है जो वाहन हो सकता है । स्थिति मुख्यमंत्री…

मिशन शक्ति विशेष अभियान के तहत “आत्म रक्षा प्रशिक्षण” शिविर का आयोजन किया गया

गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय बदायूँ की आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आई० क्यू०ए० सी०) के तत्वावधान में प्राचार्या डॉ वंदना शर्मा के संरक्षण एवं निर्देशन में व कॉर्डिनेटर आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन…

अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा द्वारा तहसीलदार शिवकुमार शर्मा को किया गया सम्मानित

सहसवान : अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा भारत नगर की ओर से तहसीलदार सहसवान शिवकुमार शर्मा के कार्यों की सराहना करते हुए राष्ट्रीय संगठन मंत्री पंडित धर्मदेव तिवारी ने सॉल व…

छात्रा फरीन,छात्र रेहान व सोनू नेशनल कर्राटे प्रतियोगिता में चयनित ।

सहसवान : डी. पी स्नातकोत्तर महाविद्यालय मे आजादी का अमृत महोत्सव व मिशन शक्ति अभियान के तहत निःशुल्क मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण गत 8 मार्च से निरन्तर दिया जा रहा…

कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने वरुणा के शास्त्री घाट पर योग कर दिया स्वच्छता व पर्यावरण का संदेश

पर्यावरणविद अनिल सिंह ने स्वच्छता एवं पर्यावरण हेतु जागरूक करते हुए दिलाया शपथ वाराणसी-स्वच्छ वरुणा ,हरित वरुणा सृजन अभियान के दौरान वरुणा तट स्थित शास्त्री घाट पर मंगलवार को सुबह…

यू पी:डी.एल.एड 2022 हेतु आवेदन जून से,जुलाई में पूरी की जाएगी प्रवेश प्रक्रिया..

धर्मेन्द्र कसौधन(ब्यूरो):प्रदेश में डीएलएड 2022 में प्रवेश जुलाई में पूरे किए जाएंगे। परीक्षा नियामक प्राधिकारी शासन को अगले हफ्ते डीएलएड 2022 में प्रवेश के लिए प्रस्ताव भेजेगा।आवेदन जून में लिए…

कार्यकर्ताओं को सौंपी गई अभियानों की जिम्मेदारी

केंद्र सरकार के 8 वर्ष पूरे होने पर होंगे विभिन्न कार्यक्रम उन्होंने बताया कि महानगर में रहने वाले सभी जनप्रतिनिधियों, प्रदेश, क्षेत्र, महानगर एवं मंडल के पदाधिकारियों को 1 –…

नियमित टीकाकरण के सफल संचालन के लिए माइक्रोप्लान बेहद आवश्यक – सीएमओ

माइक्रोप्लान के अनुसार टीकाकरण सत्रों का करें आयोजन, मोबिलाइज़ेशन भी जरूरी नियमित टीकाकरण के माइक्रोप्लान के नवीनीकरण के बारे में विस्तार से दी जानकारी वाराणसी, 23 मई 2022 । बच्चों…

मिशन शक्ति फेज 4.0 के अन्तर्गत महिला कल्याण विभाग बदायूॅ द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन।

बदायूॅ। जिलाधिकारी महोदया के निर्देश के क्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी चन्द्रभूषण सिंह के मार्गदर्शन के अन्तर्गत मिशन शक्ति फेज 4.0 के अन्तर्गत जनपद बदायूॅ में आज दिनांक 23.05.2022 को…

स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव पर क्रीड़ा भारती ने मोटरसाइकिल यात्रा द्वारा राष्ट्र प्रदक्षिणा सह वंदना का संपूर्ण देश में किया आयोजन

बदायूँ : स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के अवसर पर क्रीड़ा भारती द्वारा सम्पूर्ण राष्ट्र की अभिनव अर्चना कार्यक्रम के अन्तर्गत मोटरसाईकिल यात्रा द्वारा “राष्ट्र प्रदक्षिणा सह वंदना” का कार्यक्रम सम्पूर्ण…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!