Month: May 2022

बिजनौर में यातायात जागरूकता अभियान चलाया

आसिफ रईस की रिपोर्ट सड़क सुरक्षा सप्ताह के अन्तर्गत प्रभारी यातायात मय टीम व एआरटीओ की टीम द्वारा जनपद के भिन्न-भिन्न चौराहों पर लोगो को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट…

ग्राम गरदहा में चाँक मैच खेल का खेल

e ढाका क्रिकेट क्लब बनी प्रेम क्रिकेट क्लब अंडर-19 क्रिकेट की चैंपियनविधानसभा गोला गोकर्णनाथ ब्लाक कुंभी ग्राम पंचायत गरदहा में चल रहे 4 दिवसीय प्रेम क्रिकेट क्लब टूर्नामेंट का फाइनल…

नए संयंत्र के स्थापना से कृषि के क्रियाकलाप एवं पशुपालन को मिलेगी पहचान।

बदायूं। विकास खण्ड व तहसील दातागंज, गांव सैजनी में एचपीसीएल के संयंत्र के स्थापना से कृषि आधारित क्रियाकलाप की नवीन सम्भावना पर ऋषिराज, मुख्य विकास अधिकारी के अध्यक्षता में पंजाब…

राजकीय महाविद्यालय में भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय द्वारा बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) विषय पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन

देश हित में अपनी बौद्धिक संपदा को सुरक्षित रखने की कानूनी जानकारी जरूरी: यासिर अब्बास जैदी आवास विकास स्थित राजकीय महाविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग तथा महाविद्यालय आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन…

सेना की भर्ती में सफलता के लिए कैरियर काउंसलिंग कार्यक्रम का आयोजन

राजकीय महाविद्यालय आवास विकास में स्थापित आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर के संयुक्त तत्वावधान में छात्र छात्राओं को भारतीय सेना तथा अर्धसैनिक बलों में कैरियर बनाने के…

विशेष सचिव की टिप्पणी के विरोध में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा

सहसवान : उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष सचिव प्रफुल्ल कमल की टिप्पणी से अधिवक्ता आक्रोशित हैं। विशेष सचिव के एक जारी किये गये पत्र पर अधिवक्ताओं ने रोष प्रकट किया।…

देश भर में 31 मई को बिना स्टेशन मास्टर के ट्रेनो का होगा संचालन मुरादाबाद:

मुरादाबाद, जेएनएन। Railway Station Masters on Leave : देश भर में 31 मई को ट्रेनों का संचालन बिना स्टेशन मास्टर के होगा। दरअसल, अखिल भारतीय स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के आह्वान…

नालों को पाटकर हुए अतिक्रमण को लेकर सतर्क दिखाई दिया प्रशासन।

सहसवान : नाले नालियों को पाटकर दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है जिसके मद्देनजर आज उप जिलाधिकारी महिपाल सिंह,पुलिस क्षेत्राधिकारी चंद्रपाल सिंह,अधिशासी अधिकारी डॉ राजेश कुमार सहित पालिका एवं…

भाकियू द्वारा मृतक किसान किशनपाल के परिजनों को सरकारी नौकरी एवं 25 लाख के मुआवजे की मांग की ।

बदायूं : भारतीय किसान यूनियन के मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष चौधरी सौदान सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल रसूलपुर बिलहरी मृतक किसान किशन पाल के घर…

प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का फोटो लगा जमीन पर पड़ा बोर्ड शासन की फजीहत करा रहा

बदायूं। नगर पंचायत कुंवर गांव में शौभाग्य योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री फोटो लगा बोर्ड काफी समय से घूर के ढेर पर पड़ा हुआ है । जो अब शासन…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!