सात दिन के नवजात को सुरक्षित रूप से पहुंचाया सैफई पीजीआई
ईआरसीपी चिकित्सक के चिकित्सकीय मार्गदर्शन में बैग-वाल्व-मास्क के माध्यम से कृत्रिम श्वसन दिया गया

मैनपुरी। 108 एंबुलेंस सेवा की तत्परता और उत्कृष्ट आपातकालीन चिकित्सा सेवा का एक और सराहनीय उदाहरण सामने आया है। राखी, पत्नी तिलक सिंह, निवासी औरंधी, मैनपुरी के सात दिन के नवजात पुत्र की हालत गंभीर होने पर उसे 100 बेड जिला अस्पताल, मैनपुरी लाया गया। नवजात की नाड़ी की गति कम एवं रक्त में ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए उसे पीजीआई, सैफई रेफर किया।

सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस टीम ने तत्काल कार्रवाई की। ईएमटी शिवम ने नवजात का त्वरित प्राथमिक आंकलन करते हुए शरीर का तापमान सामान्य बनाए रखा तथा ऑक्सीजन सहायता प्रदान की। नवजात की कम नाड़ी गति एवं सांस लेने में परेशानी को देखते हुए ईआरसीपी चिकित्सक डॉ. राकेश के चिकित्सकीय मार्गदर्शन में बैग-वाल्व-मास्क के माध्यम से कृत्रिम श्वसन दिया गया।

समय पर किए गए इस समन्वित प्रयास से नवजात की स्थिति में सुधार हुआ। पूरे परिवहन के दौरान ईएमटी शिवम द्वारा नवजात की लगातार निगरानी की गई, जबकि पायलट अजय ने सुरक्षित एवं समयबद्ध परिवहन सुनिश्चित किया। टीम ने नवजात को 100 बेड जिला अस्पताल, मैनपुरी से पीजीआई, सैफई पहुंचाकर चिकित्सकीय टीम को आवश्यक जानकारी देते हुए सुरक्षित रूप से सौंप दिया।

इस सराहनीय कार्य की जानकारी मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मैनपुरी डॉ. आर.सी. गुप्ता ने 108 एंबुलेंस टीम के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने 108 के स्टाफ द्वारा आपात स्थिति में दिखाई गई तत्परता, सूझबूझ और बेहतर समन्वय की सराहना की।

परिजनों ने भी 108 एंबुलेंस सेवा की पूरी टीम के त्वरित एवं सराहनीय प्रयासों के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।

रिपोर्ट राजा पाठक

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