
पुजारी ने केबल डालकर खिंचवाई बिजली, आंधी में तार गिरने का खतरा हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन ग्राम व पोस्ट लौकिहा विकासखंड फूलबेहड़ जनपद लखीमपुर खीरी
लौकिहा। प्रदेश सरकार की ओर से गांव-गांव बिजली पहुंचाने के दावों के बीच ग्राम पंचायत लौकिहा में विद्युत व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के बाहर स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर तक आज तक बिजली विभाग द्वारा विद्युत खंभे नहीं लगाए गए हैं। इसके चलते मंदिर परिसर में पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक मंदिर में प्रतिदिन श्रद्धालुओं का आना-जाना रहता है। विशेषकर शाम और रात के समय पूजा-पाठ करने वाले लोगों को अंधेरे के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बताया जा रहा है कि विद्युत खंभे नहीं होने के कारण मंदिर के पुजारी ने केबल डालकर किसी तरह बिजली की व्यवस्था की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह व्यवस्था सुरक्षित नहीं है। थोड़ी भी तेज आंधी या हवा चलने पर तार जमीन पर गिरने का खतरा बना रहता है। इससे श्रद्धालुओं और आसपास के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन
ग्रामीणों का सवाल है कि यदि असुरक्षित तारों के कारण कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण कराने, असुरक्षित तारों की स्थिति की जांच करने तथा हनुमान मंदिर तक मानक के अनुरूप विद्युत खंभे और सुरक्षित लाइन लगवाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय विभाग को समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि जान-माल के संभावित खतरे को टाला जा सके और श्रद्धालुओं को सुरक्षित विद्युत सुविधा मिल सके।
