रिपोर्ट आकाश मिश्र
बहुआयामी समाचार

लखीमपुर खीरी, 22 सितम्बर 2026। लखीमपुर खीरी जनपद जो कि उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जनपद है। जिसमें वर्तमान में कानून व्यवस्था एक चुनौती बनकर रह गई है। कहीं 4 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म हो जाता है तो कहीं विद्यालय जाती छात्राओं के साथ छेड़खानी होती है अभी कल की ही बात है जहां दिनांक 21 सितंबर दिन सोमवार को लखीमपुर शहर के जाने-माने विद्यालय चिल्ड्रेंस अकैडमी में एक सरफिरा व्यक्ति विद्यालय परिसर में घुसकर के एक शिक्षिका को गोली मार देता है एवं स्वयं को भी गोली मार लेता है। अब सवाल यहां पर यह उठता है कि वह विद्यालय जो कि कलेक्ट्रेट परिसर के पास ही है जहां कानून व्यवस्था इतनी लाचार है कि कोई भी अपराधी प्रवृत्ति का इंसान विद्यालय परिसर के अंदर प्रवेश कर सकता है एवं कक्षा में जाकर के शिक्षिका को घसीट सकता है। इतना ही नहीं साथ में असलहा भी ले गया जिससे उसने शिक्षिका को गोली मार दी। आखिर इतनी हिम्मत उसके अंदर कहां से आई क्या कानून का डर उसके अंदर से समाप्त हो गया था? यदि मामला प्रेम प्रसंग या कोई और भी था तो उसके लिए अपराध का रास्ता चुना, ये कहां तक सही है? जहां विद्यालय में अभिभावक अपने बच्चों को उनके भविष्य की चिंता करके भविष्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विद्यालयों में भेजते हैं वहीं छात्रों के सामने इस तरह की भयानक घटना का घटित हो जाना सोचनीय विषय है। उस समय का खौफनाक मंजर कैसा रहा होगा जब छोटे-छोटे मासूमों के सामने दो मौतें हो गई? विद्यालय को शिक्षा के मंदिर की संज्ञा दी गई है किंतु ऐसे अपराधियों ने विद्यालयों तक को नहीं छोड़ा।
विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
अब यहां पर बात आती है सुरक्षा व्यवस्था की। वैसे तो विद्यालयों में प्रचार प्रसार करते समय बड़ी-बड़ी डींगें हांकी जाती हैं कि हमारे यहां सर्वोत्तम सुरक्षा व्यवस्था है, सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, यह है वह है, आदि आदि….। किंतु इस तरह की घटना हो जाना कोई मामूली घटना नहीं है।
महिला सुरक्षा पर सवाल
अब यहां पर सवाल उठता है कि खीरी जनपद में महिलाएं एवं मासूम बच्चे कितने सुरक्षित हैं। महिला सुरक्षा का दावा करने वाला प्रशासन इस समय कहां है? अभी विगत दिनों में नीमगांव थाना क्षेत्र में एक दलित युवती का शव गन्ने के खेत में बरामद हुआ था। पुलिस ने एक्शन लिया, अपराधी पकड़ा भी गया, किंतु सवाल यहीं पर खत्म नहीं होता है कि आए दिन कोई ना कोई महिला इस तरह के अपराधों का शिकार बनती चली जा रही है। बच्चे भी इन अपराधों की जद में आ रहे हैं। निर्दोष बच्चों को भी नहीं बख्शा जा रहा है क्या यही है सरकार की जीरो जीरो टॉलरेंस की नीति?
सुरक्षा की जवाबदेही किसकी?
मासूम बच्चियों की सुरक्षा हो या विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की—आखिर उनकी हिफाजत की जवाबदेही किसकी है?
लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है। इतने बड़े भौगोलिक क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी है।
ऐसे में जिले में सामने आ रही गंभीर घटनाओं को देखते हुए शासन से मांग उठनी चाहिए कि अपराध नियंत्रण की समीक्षा उच्च स्तर पर की जाए और आवश्यकता के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री जी, जीरो टॉलरेंस की नीति का वास्तविक असर जनता की सुरक्षा में दिखाई देना चाहिए।
जब स्कूल के भीतर गोली चलने की घटना सामने आती है, जब मासूम बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते हैं, जब अलग-अलग क्षेत्रों में हिंसक घटनाओं की खबरें सामने आती हैं—तो जनता का यह पूछना स्वाभाविक है कि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कब होगी?
क्या लखीमपुर खीरी की कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा कराई जाएगी?
क्या जिले में पुलिस बल, निगरानी व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा का आकलन होगा?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय की जाएगी?
जनता को आश्वासन के साथ-साथ ठोस कार्रवाई और उसके परिणाम भी दिखाई देने चाहिए।
डीएम, एसपी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे सवाल
- विद्यालय परिसर में हथियार लेकर प्रवेश करने की परिस्थितियां क्या थीं?
- स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कब और कैसे होगी?
- जिले में गंभीर अपराधों की रोकथाम के लिए क्या विशेष रणनीति बनाई जा रही है?
- क्या शासन को जिले की कानून-व्यवस्था पर विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी?
- क्या IG रैंक के अधिकारियों की तैनाती और उच्चस्तरीय निगरानी पर विचार किया जाएगा?
लखीमपुर खीरी की जनता को यह भरोसा चाहिए कि उनके बच्चे स्कूल में सुरक्षित रहेंगे, महिलाएं बिना भय के बाहर निकल सकेंगी और अपराध करने वालों पर कानून के अनुसार त्वरित कार्रवाई होगी।
यह किसी एक अधिकारी या सरकार पर व्यक्तिगत आरोप लगाने का मामला नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही का सवाल है।
अब जरूरत है कि शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी जिले की स्थिति का गंभीरता से संज्ञान लें, घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराएं और अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाएं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से अपील है कि लखीमपुर खीरी की कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा कराकर जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें।
