हाथरस, 24 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित राजस्व कार्यों, वसूली, एनएचएआई से संबंधित वादों तथा विभिन्न धाराओं के अंतर्गत लंबित मामलों की समीक्षा बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में डीएम ने निर्धारित समय सीमा से अधिक समय से लंबित वादों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारित करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों के न्यायालयों में धारा 24, 144, 67, 116, 38, 133 एवं 145 के अंतर्गत लंबित वादों की तहसीलवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि भूमि विवाद से जुड़े प्रकरण गंभीर प्रकृति के होते हैं और इनके कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाना आवश्यक है।उन्होंने मेड़बंदी, कुर्रा-बंटवारा तथा भूमि से संबंधित अन्य मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने के निर्देश दिए। पुराने मामलों को प्राथमिकता से निस्तारित करने पर जोर देते हुए डीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी धारा के अंतर्गत वादों को अनावश्यक रूप से लंबित पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि विवाद से संबंधित सामान्य प्रकरणों में दोनों पक्षों को मौके पर बुलाकर आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण का प्रयास किया जाए। उन्होंने उप जिलाधिकारियों को अपने अधीनस्थ न्यायालयों का नियमित निरीक्षण करने तथा लंबित वादों की प्रगति की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए।धारा 80 के अंतर्गत आने वाले मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि ऐसे प्रकरणों में सह-खातेदारों की सहमति अवश्य प्राप्त की जाए। इसके साथ ही उन्होंने राजस्व वसूली एवं अन्य संबंधित कार्यों की प्रभावी निगरानी करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए।बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, समस्त उप जिलाधिकारी, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, जिला सूचना अधिकारी, समस्त तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार सहित खनन अधिकारी, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, पटल सहायक तथा संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट संजीव कुमार तेनगुरिया

