धर्मेन्द्र कसौधन(एमडी ब्यूरो)
निचलौल, महराजगंज। स्थानीय सरस्वती देवी महिला महाविद्यालय, टिकुलिया निचलौल में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की रानी लक्ष्मीबाई इकाई द्वारा शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर ‘वर्तमान समय में भगत सिंह के विचारों की प्रासंगिकता’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए भगत सिंह के विचारों और उनके संघर्षों को वर्तमान सामाजिक परिप्रेक्ष्य से जोड़कर प्रस्तुत किया।

संगोष्ठी में छात्राओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भगत सिंह केवल स्वतंत्रता आंदोलन के महान क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि वैचारिक और बौद्धिक जागरूकता के प्रबल समर्थक भी थे। छात्राओं ने समाज में वास्तविक स्वतंत्रता, सामाजिक समानता, शिक्षा, जागरूकता तथा वैचारिक-बौद्धिक क्रांति की आवश्यकता पर सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट उद्बोधन प्रस्तुत करने वाली छात्राओं को मेडल देकर सम्मानित किया गया। इससे छात्राओं का उत्साहवर्धन हुआ और उन्होंने सामाजिक एवं राष्ट्रीय विषयों पर अपनी बात रखने के महत्व को समझा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य श्याम बिहारी अग्रवाल ने कहा कि सरदार भगत सिंह का भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में विशेष और महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनका जीवन साहस, त्याग, देशभक्ति और वैचारिक चेतना का प्रतीक है। आज के युवाओं को उनके जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. आनंद कुमार मिश्रा ने किया। इस अवसर पर सत्येंद्र गुप्त, डिंपल पटेल, रामकेश चौधरी, डॉ. आनंद कुमार मिश्रा, उमेश चौधरी, मानवेंद्र तिवारी, धर्मेंद्र प्रसाद, अजय तानिया जायसवाल, साक्षी तिवारी, योगेश विश्वकर्मा, रुक्मणी श्रीवास्तव, अमेरिका यादव सहित एनएसएस की छात्राएं एवं महाविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

