
छाता (मथुरा)। छाता चीनी मिल के संचालन को लेकर चल रहे भूतपूर्व सैनिक किसानों के धरने में उस समय एक नया मोड़ आ गया, जब आंदोलनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले गिर्राज वाल्मीकि कोसीकला अचानक मंगलवार देर शाम 4:00 बजे खुद धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने किसान और भूतपूर्व सैनिकों के सामने नतमस्तक होकर अपनी रिपोर्ट वापस लेने का ऐलान किया और हाथ जोड़कर सभी से माफी मांगी।
गिर्राज वाल्मीकि ने भावुक होते हुए कहा, “मैं हनुमान जी का भक्त हूँ। जब से मैंने एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी, मेरी अंतरात्मा गवाही नहीं दे रही थी। मुझे महसूस हुआ कि मुझसे बहुत बड़ा अपराध हो गया है, जिसके कारण मुझे दिन-रात चैन नहीं मिल रहा था।” उन्होंने आगे कहा कि हमारा समाज एक स्वाभिमानी समाज है, जिसे कोई खरीद नहीं सकता। समाज के सिर को गर्व से ऊँचा रखने के लिए ही वे बिना किसी भाई दबाव के धरने पर आए हैं।
बीजेपी हाईकमान के फोन आने का किया दावा।
अपने संबोधन के दौरान गिर्राज वाल्मीकि ने खुलासा किया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद उनके पास बीजेपी हाईकमान के वरिष्ठ लोगों के लगातार फोन आ रहे थे। उनसे कहा जा रहा था कि “गिर्राज, तुमने यह बहुत गलत काम कर दिया है।”
धरना स्थल पर मौजूद भीड़ के बीच गिर्राज ने प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, “माननीय मंत्री जी, आज के बाद मैं आपको सदा के लिए अलविदा कहता हूँ।” इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता नरदेव चौधरी का समर्थन करते हुए अपील की, “जो भाई नरदेव बड़ी मेहनत और ईमानदारी से कार्य कर रहा है, जनता तुम्हें आगे मंत्री-विधायक देखना चाहती है, नरदेव आपके ही मंत्री आपको विधायक नहीं बनने देंगे, नरदेव भाई, तुम भी छाता चीनी मिल धरने पर आ जाओ। अपनी जनता के बीच, यह प्यारी भोली भाली जनता आपको विधायक बना देगी।
धरना स्थल पर गिर्राज वाल्मीकि का किसानों और मजदूरों द्वारा स्नेहपूर्वक स्वागत किया गया, जिससे वे काफी भावुक नज़र आए। इस घटनाक्रम के बाद आंदोलनकारियों का हौसला और बढ़ गया है। भाई राजनीति में बड़ा भूचाल देखने को मिलेगा।

संवाददाता-जितेंद्र ठाकुर उत्तर प्रदेश सहायक ब्यूरो प्रमुख की खास रिपोट
