रिपोर्टर-कृष्णा प्रजापति रिपोर्ट
एम डी न्यूज़ बहुआयामी समाचार
आगरा। लोकप्रिय राष्ट्रवादी पार्टी की ओर से पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं के रोजगार के मुद्दे को लेकर महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम जिलाधिकारी आगरा के माध्यम से ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। ज्ञापन में पार्टी ने सरकार की रोजगार नीतियों तथा नेताओं द्वारा युवाओं को दिए गए रोजगार संबंधी बयानों पर सवाल उठाए।

ज्ञापन में पार्टी ने कहा कि युवाओं के मन में यह सवाल है कि जब देश में मोबाइल रिचार्ज, शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं का खर्च लगातार बढ़ रहा है, तो जनप्रतिनिधियों को मिलने वाले विभिन्न भत्तों और सुविधाओं को लेकर भी पारदर्शिता होनी चाहिए। पार्टी ने मोबाइल भत्ते के संबंध में भी सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा।पार्टी का कहना है कि पढ़े-लिखे युवाओं के सामने एक ओर रोजगार का संकट है, वहीं दूसरी ओर नेताओं के ऐसे बयानों से शिक्षित बेरोजगार युवाओं में असंतोष पैदा हो रहा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि युवाओं को सरकारी नौकरी देने के बजाय कई क्षेत्रों में निजी संस्थाओं को ठेके पर काम दिया जा रहा है, जिससे शिक्षित युवा स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
ज्ञापन में कहा गया कि माता-पिता अपने बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हैं, कर्ज तक लेते हैं और अपनी आवश्यकताओं में कटौती करके बच्चों को पढ़ाते हैं। ऐसे में यदि शिक्षित युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के बजाय ई-रिक्शा चलाने अथवा पकौड़े बेचने की सलाह दी जाती है, तो इससे युवाओं में निराशा पैदा होना स्वाभाविक है।
पार्टी ने स्थायी रोजगार के लिए ठोस योजनाएं लागू करने, शिक्षित युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा रोजगार संबंधी नीतियों पर स्पष्ट जवाबदेही तय करने की मांग की।
ज्ञापन में लोकप्रिय राष्ट्रवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा युवाओं के रोजगार को लेकर दिए गए कथित बयानों की आलोचना करते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई और उन्हें युवाओं के हितों के विपरीत बताते हुए निंदा एवं भर्त्सना की।
