
कांग्रेस अध्यक्ष पद से अजय राय के हटते ही हजारों उपेक्षित नेताओं को मिला सुकून
आज जब दिल्ली से खबर आई कि अजय राय को कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाया गया है, तो उत्तर प्रदेश के कोने-कोने में कांग्रेस में घुटन महसूस कर रहे और घुटन के कारण कांग्रेस छोड़ चुके पिछड़े, दलित, विश्वकर्मा, निषाद, और वंचित समाज के हजारों नेताओं ने सुकून की सांस ली।
वो नेता जो सालों तक कांग्रेस में झंडा-बैनर उठाते रहे, मीटिंग में पीछे की कुर्सी पर बैठाए जाते रहे, मंच पर माला पहनाने तक सीमित रखे गए — आज उन्हें लगा कि देर से ही सही, लेकिन कांग्रेस में बैठी सामंती मानसिकता की एक परत तो हटी।
अजय राय के कार्यकाल में बहुजन समाज के नेताओं की उपेक्षा चरम पर थी। संगठन में पिछड़ों को भागीदारी नहीं, सिर्फ आश्वासन मिलता था। इसलिए एक-एक करके अनेक नेता कांग्रेस छोड़ने को मजबूर हुए।
लेकिन सवाल अभी भी बाकी है — क्या सिर्फ एक चेहरे को हटाने से वंचित समाज को न्याय मिल जाएगा?
बहुजन समाज सिर्फ बदलाव नहीं, अपना हक और हिस्सेदारी मांग रहा है!
