
कांग्रेस के फैसले से ओबीसी समाज हतप्रभ, बहुजनों की टूटी उम्मीद: अशोक विश्वकर्मा
लखनऊ। कांग्रेस हाईकमान द्वारा उत्तर प्रदेश संगठन की कमान आराधना मिश्रा ‘मोना’ को सौंपे जाने पर अशोक विश्वकर्मा ने सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस में सामाजिक न्याय और भागीदारी की बातें केवल भाषणों तक सीमित हैं। उन्होंने कहा कि इस फैसले से विश्वकर्मा, निषाद, मौर्य, कुशवाहा, पाल, प्रजापति, यादव, लोहार और सैनी समाज में निराशा है।
अशोक विश्वकर्मा ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को ओबीसी समाज को संगठन में उचित प्रतिनिधित्व देना चाहिए था। राहुल गांधी द्वारा जातिगत जनगणना और ‘जिसकी जितनी आबादी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’ की बात का उल्लेख करते हुए उन्होंने पूछा कि क्या उत्तर प्रदेश कांग्रेस में कोई ओबीसी चेहरा प्रदेश अध्यक्ष बनने योग्य नहीं था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अजय राय को हटाकर चेहरा जरूर बदला है, लेकिन सामाजिक प्रतिनिधित्व की सोच में बदलाव नहीं किया। इससे कांग्रेस के भीतर ओबीसी नेताओं और कार्यकर्ताओं में आक्रोश बढ़ा है।
