
रिपोर्ट _ मोहम्मद अशफाक गोला गोकर्णनाथ खीरी।
नगर में पुराने चार पहिया वाहनों और ट्रकों की कटान को लेकर एक मामला चर्चा में है। गोला रेलवे क्रॉसिंग के पास अलीगंज रोड पर लखा मंदिर के निकट विनोद कावड़िया से जुड़ी बताई जा रही वाहन कटान की गतिविधियों को लेकर संबंधित विभागों की निगरानी और नियमों के अनुपालन पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि उक्त स्थान पर पुराने वाहनों को काटकर उनके पुर्जे अलग किए जाते हैं और बाद में उनकी बिक्री की जाती है। हालांकि, इस कारोबार के लाइसेंस,अनुमति और वाहनों के स्रोत से संबंधित तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।बिना अनुमति वाहन कटान का आरोप, जांच से सामने आएगी हकीकत,स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों के बीच यह जांच आवश्यक है कि संबंधित स्थान पर वाहन स्क्रैप करने के लिए जरूरी पंजीकरण, अनुमति और अन्य वैधानिक औपचारिकताएं पूरी की गई हैं या नहीं। यदि बिना आवश्यक अनुमति के वाहन काटे जा रहे हैं, तो यह नियमों के उल्लंघन का मामला हो सकता है। साथ ही, यह भी सत्यापित किया जाना चाहिए कि कटान के लिए लाए जाने वाले वाहन वैध रूप से खरीदे गए हैं या नहीं और उनके पंजीकरण व स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हैं या नहीं।वैध स्क्रैप कारोबार और अवैध कटान में बड़ा अंतरनियमों के तहत अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र निर्धारित प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के अनुसार पुराने वाहनों को नष्ट करने का काम करते हैं। दूसरी ओर, यदि कोई व्यक्ति आवश्यक अनुमति के बिना वाहन काटता है, वाहनों की पहचान मिटाता है या चोरी के वाहनों को काटकर उनके पुर्जे बेचने में संलिप्त पाया जाता है, तो मामला गंभीर कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है। हालांकि, गोला में संबंधित स्थान पर इनमें से किसी उल्लंघन की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।कहीं चोरी के वाहनों की कटान तो नहीं? जांच में स्पष्ट हो स्थितिमामले में एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी है कि कटान के लिए आने वाले वाहनों का रिकॉर्ड, इंजन और चेसिस नंबर, खरीद-बिक्री के दस्तावेज तथा उनके वास्तविक मालिकों से संबंधित विवरण जांचे जाएं। यदि किसी वाहन के चोरी का होने या उसके पुर्जों की अवैध बिक्री का प्रमाण मिलता है, तो पुलिस और संबंधित विभागों को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल, चोरी के वाहनों की कटान का कोई पुष्ट प्रमाण सामने नहीं आया है; इसलिए इस आशंका की निष्पक्ष जांच जरूरी है।प्रशासन और परिवहन विभाग से कार्रवाई की मांग,स्थानीय लोगों की ओर से मांग उठाई जा रही है कि परिवहन विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण कर आवश्यक दस्तावेजों की जांच करें। यह भी स्पष्ट किया जाए कि संबंधित स्थान पर वाहन कटान का कारोबार वैध अनुमति के तहत संचालित हो रहा है या नियमों के विपरीत।अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर जांच करते हैं या नहीं। जांच में यदि नियमों का उल्लंघन अथवा किसी आपराधिक गतिविधि के प्रमाण मिलते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि कारोबार वैध पाया जाता है, तो तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या वैध व्यवसाय पर बेवजह आरोप न लगे। ✍️एआरटीओ खीरी ने बताया कि बगैर परमिशन के फोर व्हीलर या ट्रांसपोर्ट व्हीकल वाहन नहीं काटे जा सकते,जो अगर ऐसा है तो हा जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
