आदेश त्यागी की शिकायत पर खसरा संख्या 2777 की जांच के निर्देश, 19 अक्टूबर को प्रस्तावित था निरीक्षण; अब 21 अक्टूबर को टीम पहुंचने की जानकारी
MD NEWS बहुआयामी समाचार
जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख – रोहित जैन (दभेड़ी वाले)
बुढ़ाना, जनपद मुज़फ्फरनगर।
बुढ़ाना में सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर चर्चा में है। सार्वजनिक उपयोग की भूमि को कब्जामुक्त कराने और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आदेश त्यागी द्वारा उठाई गई आवाज के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।
प्राप्त प्रशासनिक आदेश के अनुसार, खसरा संख्या 2777 राजस्व अभिलेखों में बंजर दर्ज है। आदेश में उल्लेख किया गया है कि उक्त भूमि के आंशिक भाग पर नगर पंचायत बुढ़ाना द्वारा संगठित विकास योजना के अंतर्गत बस स्टैंड का निर्माण कराया गया है तथा कुछ भूमि रास्ते के रूप में उपयोग में है। शेष भूमि पर लगभग 30 वर्षों से कथित रूप से कब्जा कर मकान बनाए जाने का उल्लेख करते हुए भूमि की पैमाइश कराकर अवैध निर्माण हटवाने की प्रक्रिया के लिए अनुरोध किया गया है।

एसडीएम ने गठित की राजस्व टीम
उपजिलाधिकारी बुढ़ाना सत्येंद्र कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश में खसरा संख्या 2777 की जांच के लिए राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम नामित की गई है। टीम को राजस्व अभिलेखों और मौके की स्थिति के अनुसार विधिवत पैमाइश कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में थाना प्रभारी बुढ़ाना को भी निर्धारित तिथि पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
शिकायतकर्ता आदेश त्यागी का कहना है कि सरकारी जमीन और सार्वजनिक रास्ते को कथित कब्जों से मुक्त कराने के लिए निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। उनका उद्देश्य यह है कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर वास्तविक स्थिति सामने आए और यदि कोई अवैध कब्जा पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई हो।

तालाब की भूमि पर भी उठे सवाल
मामले में खसरा संख्या 2833, 2834, 2835, 2842 और 2843 की तालाब एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि को लेकर भी अलग शिकायत दी गई है। शिकायत में कथित कब्जे और भूमि पर फसल बोने के आरोप लगाते हुए जांच तथा कब्जा हटाने की मांग की गई है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासनिक जांच का परिणाम सामने आना अभी बाकी है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बीच प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने और ऐसे मामलों में कार्रवाई पर जोर दिए जाने के बीच बुढ़ाना के इस प्रकरण में प्रशासन की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, इस मामले में हाईकोर्ट द्वारा निष्पक्ष जांच के आदेश दिए जाने संबंधी दावे की पुष्टि के लिए संबंधित न्यायालय का आदेश उपलब्ध होना आवश्यक है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित जांच आगे बढ़ने के बाद अब 21 अक्टूबर को नगर पंचायत एवं संबंधित अधिकारियों की टीम के निरीक्षण पर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसकी आधिकारिक पुष्टि और वास्तविक निरीक्षण की स्थिति का पता संबंधित विभाग से चलेगा।
अब बड़ा सवाल यह है कि खसरा संख्या 2777 की पैमाइश में क्या सामने आएगा? क्या सरकारी भूमि पर कब्जे की पुष्टि होगी? और यदि अवैध कब्जे पाए जाते हैं, तो क्या उन्हें हटाकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी?
MD NEWS इस मामले में प्रशासनिक जांच और आधिकारिक कार्रवाई से जुड़ी जानकारी सामने आने पर पाठकों को अवगत कराता रहेगा।
