अंधविश्वास में रची गई थी मासूम की बलि देने की खौफनाक साजिश, सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से महराजगंज से दिल्ली तक पुलिस ने खंगाले सुराग, कश्मीरी गेट बस स्टैंड से बरामद हुआ बच्चा
रिपोर्ट – धर्मेन्द्र कसौधन(एमडी ब्यूरो)
महराजगंज। दो माह के मासूम बच्चे के अपहरण और उसकी बलि देने की कथित साजिश का महराजगंज पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। थाना ठूठीबारी क्षेत्र से अगवा किए गए मासूम विक्की को पुलिस ने सैकड़ों किलोमीटर दूर दिल्ली के कश्मीरी गेट बस स्टैंड से सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई में सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र ने अहम भूमिका निभाई।
पुलिस अधीक्षक महराजगंज शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तथा क्षेत्राधिकारी निचलौल रविंद्र कुमार सिंह के निकट पर्यवेक्षण में थाना ठूठीबारी पुलिस, एसओजी, स्वाट टीम और डॉग स्क्वायड की संयुक्त टीम ने यह सफलता हासिल की।

रात के अंधेरे में घर से उठा ले गए मासूम
पुलिस के मुताबिक, 3 नवंबर 2026 को ग्राम राजाबारी टोला रजनीता निवासी गोविंद पुत्र नंदलाल ने थाना ठूठीबारी में सूचना दी कि 2 नवंबर की रात करीब दो से चार बजे के बीच अज्ञात व्यक्ति उनके घर में घुसा और उनकी पत्नी के साथ सो रहे दो माह के पुत्र विक्की को उठा ले गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा अपराध संख्या 149/2026 के तहत बीएनएस की धारा 137(2), 140(4), 331(5), 61(2) तथा धारा 80 जेजे एक्ट में मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी।
सीसीटीवी से खुला राज, महराजगंज से दिल्ली तक पीछा
पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान सुबह करीब 3:57 बजे राजाबारी पुल के पास एक संदिग्ध महिला बच्चे को गोद में लेकर निचलौल रोड की तरफ जाती दिखाई दी। आगे के कैमरों की पड़ताल और बस चालक से पूछताछ में पता चला कि महिला सुबह करीब पांच बजे बस में बैठकर शिकारपुर मोड़ की तरफ गई थी।

इसके बाद पुलिस ने स्थानीय पूछताछ, मुखबिर तंत्र और सर्विलांस की मदद से संदिग्ध महिला की पहचान सावित्री पत्नी स्वर्गीय उमेश राजभर, निवासी ग्राम कबकवा, थाना घुघली, महराजगंज के रूप में की। महिला के घर पहुंचने पर उसके न मिलने और फोन पर स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के बाद पुलिस ने सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रैक करनी शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों का पीछा करते हुए पुलिस टीम महराजगंज से दिल्ली तक पहुंच गई।
कश्मीरी गेट बस स्टैंड पर मिली मासूम के साथ दो महिलाएं
पुलिस ने नई दिल्ली स्थित कश्मीरी गेट बस स्टैंड से सावित्री को उसकी साथी सरस्वती और करण कुमार गौतम के साथ एक मासूम बच्चे सहित पकड़ लिया। पूछताछ और बच्चे की पहचान के बाद अपहृत विक्की को सकुशल बरामद कर लिया गया। बच्चे को आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
अमावस्या पर बलि देने की बनाई थी योजना
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने अंधविश्वास के चलते दो माह के मासूम का अपहरण कर अमावस्या के दिन उसकी बलि देने की कथित योजना बनाई थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनकी मान्यता थी कि ऐसा करने से वर्षों से लापता पति और पुत्र वापस आ जाएंगे तथा परिवार में पहले हुई असमय मौतों का सिलसिला रुक जाएगा। पुलिस के अनुसार, नेपाल के बैरियहवा क्षेत्र में झाड़-फूंक करने वाले एक व्यक्ति द्वारा उन्हें कथित रूप से ऐसा करने की सलाह दी गई थी। इस योजना में सावित्री के दूसरे पति करण कुमार गौतम की भी भूमिका बताई गई है।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई है—
- सावित्री पत्नी स्वर्गीय उमेश राजभर, निवासी ग्राम कबकवा, थाना घुघली, महराजगंज।
- सरस्वती पत्नी सदरी, उम्र करीब 55 वर्ष, निवासी ग्राम कबकवा, थाना घुघली, महराजगंज।
- करण कुमार गौतम पुत्र सुदर्शन कुमार गौतम, उम्र 22 वर्ष, निवासी देवरिया।
तीनों आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम में ठूठीबारी पुलिस, एसओजी, स्वाट, सर्विलांस टीम और डॉग स्क्वायड की संयुक्त भूमिका सराहनीय रही। समय रहते पुलिस की सक्रियता से एक मासूम की जिंदगी बच गई और अंधविश्वास की आड़ में रची गई कथित खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हो गया।
