निरीक्षण के दौरान विद्यालयों का हुआ पर्दाफाश

ब्यूरो रिपोर्ट : आलोक मालपाणी

सहसवान : प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक एवं संविलियन विद्यालयों में शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में खंड विकास अधिकारी द्वारा निरीक्षण के दौरान काफी अनियमितताएं पाई गईं। कई अध्यापक बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। विद्यालयों में मिड-डे-मील रजिस्टरों का पृष्ठांकन भी नहीं किया गया था। जिससे सरकारी अभिलेखों में बहुत ही आसानी से हेरा-फेरी की जा सकती है। विद्यार्थियों की अनुपस्थिति के बारे में जब सवाल किया गया तो गैर जिम्मेदाराना जवाब दिए गए। किसी विद्यालय में 227 में से कुल 27 विद्यार्थी, तो किसी विद्यालय में 122 विद्यालय विद्यार्थियों में से मात्र 12 विद्यार्थी ही उपस्थित पाए गए। यही है इन अध्यापकों एवं अध्यापिकाओं का असली चेहरा, हर चीज में घोटाला ही घोटाला है, चाहे वह विद्यार्थियों की संख्या हो या मिड-डे-मील का खाना, विद्यालय की साफ-सफाई हो या विद्यालय का निर्माण कार्य सभी जगह यह लालची अध्यापक घपला करने से बाज नहीं आते हैं।

बता दें कि इसी क्रम में उच्च प्राथमिक विद्यालय भवानीपुर खैरू विकासखंड दहगवां के विद्यालय में 19.02.2022 को निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय सुरेश पाल सिंह इंचार्ज प्रधानाध्यापक एवं श्रीमती इरम सहायक अध्यापिका उपस्थित थे। विद्यालय में 122 विद्यार्थी के सापेक्ष में मात्र 12 विद्यार्थी ही उपस्थित पाए गए। मिड-डे-मील रजिस्टर पर दिनांक 20.12.2021 से माह फरवरी 2022 निरीक्षण की तिथि तक कोई भी प्रविष्टि अंकित नहीं की गई थी। इस संबंध में इंचार्ज प्रधानाध्यापक सुरेश पाल सिंह का कहना था कि वह विद्यार्थियों हेतु मिड-डे-मील बनवाने में असमर्थ हैं। बरामदा क्षतिपूर्ण एवं जीर्णशीर्ण अवस्था में पाया गया। जो कि कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकता है। उक्त क्षतिपूर्ण एवं जीर्णशीर्ण भवन के संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत नहीं कराना पूर्णतया घोर लापरवाही का घोतक है।

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