, बदमाश वीरभान गांव बेगमपुर मुरादाबाद निवासीबिजनौर। नहर में कार गिरने के बाद भाग निकले दूसरे आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी है। जिसे पुलिस अभिरक्षा में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।उधर, बदमाशों का पीछा करते हुए शुक्रवार की शाम नहर में करंट लगने से हुई सिपाही की मौत से विभाग में शोक छाया रहा। शनिवार की सुबह शहीद पुलिस कर्मी के शव को पुलिसकर्मियों से शोक सलामी दी।शनिवार की सुबह पांच बजे पुलिस ने नहर पटरी पर बदमाश की घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस पर फायर झोंक दिया। जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली जा लगी। पुलिस ने घायल हुए बदमाश वीरभान उर्फ वीरु निवासी गांव बेगमपुर थाना कांठ मुरादाबाद को गिरफ्तार कर लिया।जबकि वीरभान का साथी नीरज निवासी गांव झाल बिजनौर शुक्रवार की शाम ही पकड़ लिया गया था। बता दें कि उक्त दोनों आरोपियों ने नगीना रोड चक्कर चौराहे के पास एक ट्रक चालक के साथ मारपीट की थी, इसके बाद फायरिंग करते हुए कार में सवार होकर भाग निकले फायरिंग होती देख डायल 112 की गाड़ियों ने पीछा किया।गांव सालमाबाद के पास बदमाशों की कार खंभे को टक्कर मारकर नहर में जा गिरी थी। उधर, पीआरवी पर तैनात सिपाही मनो कुमार निवासी गांव हेवा बागपत और गंगाराम ने भी नहर में छलांग लगा दी। तभी टूटकर गिरे बिजली के तार की वजह से पानी में करंट दौड़ गया। करंट लगने की वजह से सिपाही मनोज कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी।वहीं सिपाही गंगाराम घायल हुआ। इसी बीच पुलिस ने बदमाशों की कार को नहर से निकलवाया और एक आरोपी नीरज निवासी झाल को कुछ देर बाद ही पकड़ लिया था जबकि वीरभान उर्फ वीरु भाग निकला था। अब वीरभान को शनिवार की सुबह मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया।फायरिंग करते हुए भागने के मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ पीआरवी पर तैनात सिपाही जर्रार हुसैन की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं वीरभान के खिलाफ एकऔर केस मुठभेड़ के दौरान फायरिंग करने का दर्ज किया गया। वीरभान के पास से तमंचा बरामद किया गया है।Boxहेवा गांव में मृतक सिपाही मनोज को मुखाग्नि देता बेटा क्रियांश। सिपाही के शव को दी शोक सलामी रात में ही पोस्टमार्टम होने के बाद शनिवार की सुबह सिपाही मनोज के शव को पुलिस लाइन में लाया गया। जहां सदर विधायक सूचि मौसम चौधरी, भाजपा नेता ऐश्वर्य मौसम चौधरी, एसपी अभिषेक झा और अन्य पुलिस अफसरों ने पुष्प चक्र अर्पित किया। वहीं पुलिसकर्मियों ने शोक सलामी दी। इसके बाद मृतक के परिजन शव को लेकर अपने घर चले गए।,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,ग्राम प्रधान भी रह चुका है बदमाश नीरजबिजनौर। पुलिस की पकड़ में आया बदमाश नीरज अपने गांव झाल का प्रधान भी रह चुका है। जोकि हीमपुर दीपा थाने का यू हिस्ट्रीशीटर भी है। नीरज पर बिजनौर ही नहीं बल्कि आस पास के जनपदों में भी लूट और हत्या समेत बीस से अधिक मुकदमें दर्ज हैं। नीरज का दूसरा साथी वीरभान शनिवार को पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचा है। साथ ही इनके दो साथियों मनीष और राजवीर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बताया गया कि 16 मई को नीरज के अन्य साथी धीर सिंह निवासी सिरकड़ी सहारनपुर की एक मामले में जमानत हुई थी। इसी जमानत की खुशी में शाम को सभी ने नीरज के किराए के घर पर बैठकर शराब पी। दो साथियों को उसने बस में बैठाकर भेज दिया था। धीर सिंह के वकील को भी नगीना छोड़कर आया। इसके बाद नीरज का ट्रक ड्राइवर से झगड़ा हुआ, जिसके बाद फायरिंग करते हुए आरोपी फरार हो गए थे।उधर, हिस्ट्रीशीटर नीरज के इस तरह से उत्पात मचाने पर थाना हीमपुर दीपा पुलिस की लापरवाही भी उजागर हुई है। बताया जा रहा है कि हीमपुर दीपा थानाध्यक्ष को एसपी ने खूब फटकारा है। क्योंकि हिस्ट्रीशीटर की लगातार निगरानी करना जरूरी होता है।

By admin_kamish

बहुआयामी राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!