क्रिकेट में येलो हाउस की टीम जीतीविभिन्न गतिविधियों में छात्र-छात्राओं ने दिखाई अपनी प्रतिभाबिजनौर। बिजनौर पब्लिक स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न गतिविधियां का आयोजन कराया गया। कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों का जूनियर इंटर हाउस क्रिकेट प्रतियोगिता कराई गई। क्रिकेट प्रतियोगिता में येलो हाउस और रेड हाउस ने फाइनल में अपनी जगह बनाई। रेड हाउस की टीम ने 6 ओवर में 40 रन बनाएं।येलो हाउस की टीम ने इस स्कोर को 5.3 ओवर में लक्ष्य प्राप्त कर फाइनल मैच जीत लिया। यलो हाउस के कप्तान मुदित को अच्छे प्रदर्शन के लिए मैच ऑफ द मैच का खिताब दिया गया।नर्सरी से यूकेजी कक्षा तक के छात्र-छात्राओं ने समर सॉफ्ट ड्रिंक एक्टिविटी के अंतर्गत नींबू पानी बनाया। कक्षा 1 से 2 तक के छात्र-छात्राओं ने आम से बनने वाले पेय जैसे मैंगो शेक, आम पन्ना, आम लस्सी आदि पदार्थ बनाए। कक्षा तीन से पांच तक के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के गर्मी में प्रयोग किएजाने वाले पेय पदार्थ तैयार किए। खेल का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधक महेंद्र सिंह व प्रधानाचार्य विकास कुमार त्यागी ने फीता काट कर किया। दोनों ने सभी विद्यार्थियों के कार्यों की प्रशंसा कर उनका उत्साह वर्धन किया,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,जिला स्तरीय किक्रेट टीम में 17 का चयनबिजनौर। यूपीसीए के तहत बिजनौर क्रिकेट एसोसिएशन के तत्वाधान में नेहरू स्टेडियम में अंडर-16 जिला स्तरीय क्रिकेट टीम के लिए खिलाड़ियों के ट्रायल हुए हुए। थे। इसमें अच्छे प्रदर्शन के आधार पर 17 खिलाड़ियों का चयन किया गया है। आठ खिलाड़ियों का चयन प्रतीक्षारत के रूप में किया गया है। चयनित खिलाड़ियों को क्रिकेट किट में 20 मई को सुबह छह बजे तक विक्टोरिया पार्क मेरठ में उपस्थित होना है। रजिस्ट्रेशन स्लिप, जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की मूल प्रति साथ ले जाना आवश्यक है। यह जानकारी मीडिया प्रभारी मानव सचदेवा व कोषाध्यक्ष नागेंद्र सारस्वत ने दी। ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,टी-20 मैच वर्धमान क्रिकेट एकेडमी ने जीताबिजनौर। वर्धमान कॉलेज में टी-20 मैच खेला गया। इसमें वर्धमान क्रिकेट एकेडमी की टीम ने 10 विकेट से मैच जीता। रिहान को प्लेयर ऑफ़ दी मैच से सम्मनित किया गया।शनिवार को मैच मे एनआईजीसी क्रिकेट एकेडमी नजीबाबाद ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी कुल 36 रन बनाए। बल्लेबाजी प्रखर त्रिवेदी ने सबसे अधिकर दस रन बनाए। वर्धमान क्रिकेट एकेडमी की ओर से गेंदबाजी करते हुए रिहान ने तीन, दक्ष राणा व कप्तान हिमांशु ने दो-दो, रूद्र तोमर, दीप कुमार व अक्ष चौधरी ने एक-एक विकेट लिए। वर्धमान क्रिकेट एकेडमी ने बल्लेबाजी करते हुए बिना किसी विकेट खोए 38 रन बना कर दस विकेट से मैच जीत लिया। बल्लेबाज अक्षित कुमार ने नाबाद 27 और उजैर अली ने नाबाद पांच रन बनाये। एनआईजीसी. क्रिकेट एकेडमी नजीबाबाद की ओर से कोई भी गेंदबाज विकेट नहीं ले पाया। मैच के अंपायर रोहित और शानू रहे। स्कोरर अनामिका सिंह रहे। इस अवसर पर डॉ. जयदीप शर्मा, कोच मों मोहसिन, अमित श्रीवास्तव, अनुल, विशन सिंह, राज उपस्थित रहे।

By admin_kamish

बहुआयामी राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!