लखीमपुर खीरी:-महाराजा सुहेलदेव विजय दिवस स्मृति समिति के तत्वावधान में रविवार को जिला पंचायत सभागार में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन में महाराजा सुहेलदेव के शौर्य, शासन और सनातन संस्कृति की रक्षा में उनके योगदान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।कार्यक्रम की अध्यक्षता बेहजम के ब्लॉक प्रमुख रमाशंकर राज ने की।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि 10 जून को ग्राम-ग्राम में विजय दिवस मनाकर महाराजा सुहेलदेव के बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुँचाना समय की मांग है।संयोजक असीम विक्रम सिंह ने ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर महाराजा सुहेलदेव के नेतृत्व, प्रशासनिक दृष्टिकोण और सामाजिक समरसता की बात रखी। उन्होंने बताया कि सुहेलदेव न केवल एक वीर योद्धा थे, बल्कि सामाजिक न्याय और सनातन मूल्यों के प्रहरी भी थे।मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख नकहा पवन गुप्ता ने उपस्थितजनों को स्मृति स्वरूप कैलेंडर वितरित किए और देश की एकता व अखंडता के लिए मिलकर कार्य करने की अपील की

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एडवोकेट राहुल तिवारी ‘सनातन’ ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि— “बहराइच के युद्ध में महाराजा सुहेलदेव ने विदेशी आक्रांता सैयद सालार मसूद गाजी को परास्त कर यह सिद्ध किया कि जब-जब भारत की आत्मा पर आघात होगा, तब-तब कोई न कोई सुहेलदेव उठ खड़ा होगा।”उन्होंने कहा कि यह विजय धर्म और अधर्म के बीच संघर्ष की प्रतीक थी, और यह आयोजन सनातन संस्कृति के जागरण का प्रतीक पर्व बन गया है।कार्यक्रम का संचालन प्रशांत वाजपेई ने किया। आयोजन में गंगाराम राजवंशी, भानु प्रताप राही, केशव भार्गव, नन्हे पासी, मुन्नालाल राज प्रधान, बलवीर प्रधान, डॉ. शिव शरण राज, नेपाल प्रधान, मयंक अवस्थी, प्रशांत लाला, संजीव अवस्थी, कुश सनातन, अंकित मेहरोत्रा, मुकेश चौरसिया, प्रभात अवस्थी, सुभाष अवस्थी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।अंत में “जय सुहेलदेव, जय सनातन धर्म” के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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