लखनऊ।उत्तर प्रदेश में छात्रवृत्ति व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्येक छात्र को इसी सत्र से छात्रवृत्ति योजना के तहत एक यूनिक नंबर दिया जाएगा। यह नंबर जब तक वह पढ़ाई करेगा, तब तक सक्रिय रहेगा। यूनिक नंबर मिलने से छात्र को हर कक्षा में छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करते समय बेसिक जानकारियां नहीं देनी होंगी। पहली बार में ही ये जानकारियां उसके रिकॉर्ड में सेव हो जाएंगी।

इसके आधार पर यह पता चलेगा कि विद्यार्थी ने कब और कितनी छात्रवृत्ति पाई। इससे योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी। एक ही कक्षा में दो अलग-अलग छात्रवृत्ति योजना का लाभ ले पाना मुमकिन नहीं रह जाएगा।
